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कॉफी की फायदे और नुक्सान

Feed by sandy Cat- Health & Beauty

यह भी चाय की भांति पि जाती है। बदलते समय के साथ साथ अब कॉफी भी दो प्रकार से तयार करके पिटे है।
१. ठंडी कॉफी
२. गर्म कॉफी
दोनों प्रकार की कॉफी की तासीर गर्म रहती है। कॉफी पिने से पेशाब अधिक आता है। इसके पीने से हृदय और सांस की नालियां फैलती है।
जिन लोगों को तेज खांसी या दमा को दौरा जड़ जाए तो उन्हें बिना दूध की कॉफी पिलाने से यह दौर टल सकता है, क्योंकि हमारे देश में चाय, कॉफी की पैदावार खूब होती है हम इन दोनों को पीने से काफी आगे जा रहें है इन सब की हालत को देखते हुए स्वास्थ्य के विद्वानों ने कॉफी के बारें में अपने अपने विचार काफी खुल क्र जनता के सामने रखें है उन विचारों को मैं अब आपको सामने रख रहा हूँ। इनमें से सबसे पहले तो आप होम्योपैथी चिकित्सा के एक प्रसिद्द विद्वान के विचार पढ़े :
कॉफी शरीर को चुस्त रखती है तथा पाचन शक्ति को बढ़ाती है। खाना खाने के पश्चात एक कप कॉफी को पिने से मन खिल उठता है तथा सारी थकान दूर हो जाती है (डा हनीमीन)
खाने पीने से होने वाली पेट दर्द जिगर की खराबी के कारण पाचन शक्ति कम होना भूख न लगना इन सब रोगों को पचार कॉफी के सेवन से किया जा सकता है। (डा फैरिंगटन)
जिन महिलाओं को बच्चें को जन्म देते समय कठिनाई हो रही हो उनका प्रसव रुका रहा हो उन्हें एक दम से तेज कॉफी पिला देने से बच्चा शीघ्र जन्म लेता है। (डा इन्शुजा)
अधिक शराब पीने से कोइ शराबी बहक कर अपने होश खो बैठे तो उसे बिना दूध की गर्म गर्म कॉफी पिलाए।
अनेक डाक्टरों की राय : कॉफी के बारे में अन्य कुछ डाक्टरों को यह भी मत है की जो लोग लंबे समय तक निरंतन कॉफी पीते हैं उनके जिगर ख़राब हो जाते है। उन्हें भूख काम लगती है। इससे उनका स्वास्थ्य बिगड़ने लगता है। उन लोगों के लिए होम्योपैथी के डाक्टरों का या मत है की उन्हें इन रोगों से बचने के लिए होम्योपैथी की ओषधि " नकस वोमिका ३० " की चार खुराख प्रतिदिन लेनी चाहिए। इसे पंचराह दिन खाने से सारे रोग ठीक हो जाते है।

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