Print Document or Download PDF

बांझपन का इलाज

Feed by sandy Cat- Health & Beauty

एक वर्ष तक नियमित सम्भोग करने वाली महिला अगर गर्भधारण करने में असमर्थ हो तो वह बांझपन से जुड़ी समस्या का शिकार होती हैं। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, गर्भावस्था बनाए रखने और जीवित बच्चे को जन्म न दे पाना भी बांझपन में ही सम्मिलित होता हैं। स्त्रियों में प्रजनन क्षमता के प्रभावित होने के कारण कई स्वास्थय संबंधी समस्याएं हो सकती है जैसे :- पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओ), ऐंडोमेटरिओसिज़, श्रोणि सूजन की बीमारी, गर्भाशय फाइब्रॉएड, एनीमिया, थायराइड की समस्याएं, अवरुद्ध फैलोपियन ट्यूबज़, कैंडिडा और यौन संचारित रोग (एसटीडी) इत्यादि ।

 

इसी के साथ शराब, सिगरेट, मोटापा, तनाव, अनियमित एवं दर्दपूर्ण माहवारी की समस्या, पोषण-रहित भोजन या फिर अत्यधिक शारीरिक-प्रशिक्षण भी स्त्री की गर्भ-धारण क्षमता को प्रभावित करते हैं। यह समस्या 35वर्ष से ज्यादा उम्र की महिला को ज्यादा होती हैं।

 

वैसे तो बढ़ती टैक्नोलॉजी  के बीच महिलाएं इन-विट्रो-फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) या सरोगेट-मां के माध्यम से बच्चा प्राप्त करने में सफल रही हैं लेकिन हर किसी के लिए यही तकनीक का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता क्योंकि महंगी होने के कारण यह हर एक की पहुंच में नहीं हैं

बांझपन का इलाज

पीपल के ब्रिक्स की दाढी ६ ग्राम, नागकेशर ६ ग्राम, हाथीदांत का असली बुरादा १० ग्राम, असगंध ४ ग्राम, कुंजा मिश्री १० ग्राम, जायफल ४ ग्राम, सब बारीक करके छानिये और माहवारी होने के पांच दिन बाद ७ ग्राम नित्य रात में पानी के साथ आठ दिन खिलाकर फिर पति पत्नी मिलतें हैं। तब गर्भ ठहर जाएगा यदि न तब दूसरे तीसरे माह इसी विधि को फिर करिए।

Read More.


Go Back