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दमा और फेफड़े के रोग में ये अपनाये।

Feed by sandy Cat- Health & Beauty

इसमें खासी के साथ कफ निकलता है और स्वांस तेज-तेज चलती है।

आक की कली २ हिस्सा, सामर ३ हिस्सा काली मिर्च ४ हिस्सा, सब कूटकर चने सामान गोली बना लीजिये और उसको रोज दिन में तीन बार खाएं दमा में उत्तम दवा है।

कच्ची रोटियों के मध्य एक पत्ता अरंड का रखकर पकाएं फिर उस पत्ते को निकाल कर कुछ पान में रखकर खाएं। यह पौष्टिक और दमा समाप्त करने में अचूक है। अगर गर्मी महसूस हो तब दूध घृत का सेवन करें।

मुलहटी सौंफ के आरक में पीस कर और छानकर गुनगुने पानी में स्वांस लें ये हितकर होगा।

कुछ उपयोगी नापतोल: 8 चावल = 1 रत्ती | 8 रत्ती = 1 माशा | 4 माशा =1 टंक, 12 माशा = 1 तोला | 5 तोला = 1 छटांक | 4 छटांक = 20 तोला या 1 पाव | 8 छटांक या 40 तोला = 1 अधसेरा | 16 छटांक या 80 तोला = 1 सेर | 5 सेर = 1 पसेरी | 8 पसेरी = 40 सेर या 1 मन | 1 केजी = 86 तोला या 1 सेर 6/5 छटांक | 100 केजी = 1 क्विंटल या 2 मन 27 5/2 सेर।।. Read more at: http://fastread.in/explore.php. Read more at: http://fastread.in/explore.php

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