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मरोड या पेचिस होने पर अचूक इलाज

Feed by sandy Cat- Health & Beauty

पुराना पेचिस-ईसबगोल, तुखमगरी, तुखमरीहान 6-6 माशे भूनकर निशायता, तुखम मरुआ वित्या (चूके के बीज), गिल अरमनी, पोशत खसखस छ: छ: माशे कूट कर छानकर 6 माशे पीस-छानकर दो तोले मिश्री मिलाकर लें।

तुलख तलासीकर दो माशा, जीरा किरमानी सिरका में भिगोकर पांच माशे तुखमकना दो माशे तुखम गन्दना, दो माशे छोटी हरड, 2 माशे कोसेजन में भूनकर रुमामस्तंगी 1 माशा, ईसबगोल 3 माशे, तुखुम मरुआ 3 माशा सुखमरीहान 3 माशे तवासीर 4 माशे, मिमग अरबी दो माशे कूटकर छानकर 6 माशे सफूल लेकर उसके ऊपर लोआब रेशा खममी दो माशे, वीदने दो माशे, सफेद जीरा 4 माशे पीसकर दो माशे मिश्री मिलाकर खिलाएं।

सौंठ, सौंफ़, छोटी हरड, स्यारह और सफेद जीरा भुना आंवला, सुहागा, काला नमक प्रत्येक 6-6 माशे, भुनी हींग 3 माशे, नमक के अलावा सभी चीज दर्दरी पीसलो और मिट्टी के बर्तन में रखकर सेको। बाद में इस सामान को कूट-छानकर छ: माशे दही के साथ खाने से हर प्रकार के पेचिस दूर होती है।

पारम्परिक भारतीय वज़न इस प्रकार हैं[1] -

४ धान की एक रत्ती बनती है, ८ रत्ती का एक माशा बनता है, १२ माशों का एक तोला बनता है, ५ तोलों की एक छटाक बनती है, १६ छटाक का एक सेर बनता है, ५ सेर की एक पनसेरी बनती है, ८ पनसेरियों का एक मन बनता है, या पुराने भारतीय नाप-तौल :- 8 खसखस = 1 चावल,

8 चावल = 1 रत्ती, 8 रत्ती = 1 माशा, 4 माशा =1 टंक, 12 माशा = 1 तोला, 5 तोला = 1 छटांक, 4 छटांक = 20 तोला या 1 पाव, 8 छटांक या 40 तोला = 1 अधसेरा, 16 छटांक या 80 तोला = 1 सेर, 5 सेर = 1 पसेरी, 8 पसेरी = 40 सेर या 1 मन, 1 केजी = 86 तोला या 1 सेर 6/5 छटांक, 100 केजी = 1 क्विंटल या 2 मन 27 5/2 सेर।

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