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तपेदिक (क्षय रोग) अगर हो जाए तो ये अपनाए

Feed by sandy Cat- Health & Beauty

सम्बलफार एक तोला, कोरेही मिट्टी जो सफेद रंग की कलर जमीन में होती है, 8 तोले के करीब मिट्टी के बर्तन में कपरोटी कर 7 सेर कण्डों की आग पर रखो। ठण्डा होने पर भस्मी निकाल लें। एक तोला भस्म, सिगरफ रुमी 6 माशे के साथ अर्क मकोय में मिलाकर खरल करो। दूसरे दिन अर्क चिरायते में खरल कर टिकिया बनाकर बिना बुझी कलई में दबाओ और दस किलो उपलों की आग पर मिट्टी के बर्तन में कपरोटी करके फूंको और ठण्डा होने पर निकाल लें।

 

पारम्परिक भारतीय वज़न इस प्रकार हैं[1] -

४ धान की एक रत्ती बनती है, ८ रत्ती का एक माशा बनता है, १२ माशों का एक तोला बनता है, ५ तोलों की एक छटाक बनती है, १६ छटाक का एक सेर बनता है, ५ सेर की एक पनसेरी बनती है, ८ पनसेरियों का एक मन बनता है, या पुराने भारतीय नाप-तौल :- 8 खसखस = 1 चावल,

8 चावल = 1 रत्ती, 8 रत्ती = 1 माशा, 4 माशा =1 टंक, 12 माशा = 1 तोला, 5 तोला = 1 छटांक, 4 छटांक = 20 तोला या 1 पाव, 8 छटांक या 40 तोला = 1 अधसेरा, 16 छटांक या 80 तोला = 1 सेर, 5 सेर = 1 पसेरी, 8 पसेरी = 40 सेर या 1 मन, 1 केजी = 86 तोला या 1 सेर 6/5 छटांक, 100 केजी = 1 क्विंटल या 2 मन 27 5/2 सेर।

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