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नेत्र सुधार योग

Feed by sandy Cat- Health & Beauty

आंखो के सब रोगों पर महात्मा का प्रदत्त योग नीलाथोथा, सोना मक्खी, सेन्धा नमक, शंख मेंस्सिल गेरु, समुद्रफेन, कालीमिर्च बारीक कूट-पीस कपडछन कर एक रोज गुलाबजल में घोटकर खुश्क होवे तो शीशी में भरें, शहद के साथ लगाने से जाला, धुन्ध ढलका बोनाई का कम होना, खुजलाहट रोग दूर होते हैं।

आंख की फुली पर प्रभावी योग

आमियाहल्दी, इसूलेटर (चीनी का टुकडा) हरी चूडी, फिटक्री, शंख का टुकडा सम भाग लेकर इन्द्रायन के फल में (फरफेन्ददुआ) भर के कपरोटी कर सात सेर कंडे (उपले) में फेंक दो, बस दवा तैयार है, सुरमें की तरह जल में जरा- सा घिसकर या शहद में लगाने से 20 रोज में फूली कट जाती है। माता के फूल में फायदा नहीं होगा।

चमत्कारी योग

2 तोले गुलाबी फिटकरी लेकर खरल घोट बाद में सत्यानासी के पचांग के रस को भाप दे फिर पुर्नवव सांथ के रस की भपारा देकर घोटकर, खुस्क करके छांकर बोतल में भरे दवा तैयार है। सुरमें की तर सलाई से सुबह – शाम लगाने से तीन दिन में रतौध दोर होता है। एक माह में फुली कट जाती है, जाला, धुन्ध, ढलका नष्ट होकर रोशनी बढती है। कौडी का सा दाम, सोने का सा काम।

बालक की फूली पर अनुभत योग

ये योग मेरे गुरुदेव श्रीगणपतिसिंह वर्मा दरियागंज, दिल्ली का है। प्रात: शाम बहेडा की मिगी शहद में गिसकर लगाने से फुली चन्द रोज में कट जायेगी।

नेत्र विकार पर चमत्कारी योग

ये योग प्रसिद्ध सिन्धी हकीम श्री अजमल जी दिल्ली का है। ढाई तोला साबुत नीलाथोथा, 3 माशे राल, 3 माशे साबुन के पतले-पतले टुकडे करके तवे पर डालकर चूल्हे में आग लगाओ फिर नीला थोथा पीसकर मिला दो। रालकर तवे को आग पर रहने दें और करछली से चलाते जाएं। काला होने पर उतार बोतल में भरें।

प्रयोग-खस के दाने तुल्य नाप में दो बून्द पानी डाल घोल करके आंख में लगाओ। एक रोज छोडकर लगाने से धुन्ध, जाला, फूला, नाखूना दूर हो जाता है।

दुखती आंखों का आनन्द लोशन

एक पाव गुलाब पानी में एक तोला गुलाबी फिटकरी, एक तोला बोरिक एसिड (भस्म सुहागा), 3 माशा कपूर डालकर बोतल को कार्क से बन्द कर दे, दवा तैयार है। 2 बून्द आंख में सुबह-शाम डालने से 2-3 रोज में ठीक हो जाती है। यह परीक्षित योग है।

आंख के जलने की बेनजीर बटी

प्रथम बारहसिंगा के सींग को इमामदस्ता में डाल मूसली से टुकडे कर फिर एक एक टुकडे का चूर्ण कर कपडे में छान खरल में पानी से घोट बाद में कागजी नींबू के रस में घोटकर गोली बनाकर खुस्क कर लो।

सेवन का तरीका : कांसे के बर्तन या किसी पक्के पत्थर पर दो बून्द पानी की डालकर गोली घिसकर लगाओ, जाला नष्ट होगा।

आंख के रेहू का ईलाज

पुराने दीपक को साफ करके रख लें और साफ पत्थर पर 3 बून्द अरंडी का तेल डालकर दीपक से घिसकर पलट-पलटकर रहूओं पर लगा दो, 3 रोज में आराम हो जायेगा।

आंख की कमला बीमारी दूर करना

ककरोन्दे का रस 6 माशे, 1 तोले से थोडा गुड मिलाकर सुबह शाम पीने से 4-5 दिन में कमला दूर होगा।

सांठ की जड तोला दस काली मिर्च घोटकर आधा पाव पानी में छानकर मिश्री 1 तोला डालकर पीने से पांच से सात रोज में कामला मिट जाता है।

आंख की दवा

किसी की आंख में धुन्ध या नजले, ढलके का पानी गिरता है वह 1 छटांक अदरक जलाकर राख करके कपडे में छानकर आंख में लगाए, धुन्ध नजले का पानी बन्द करेगा।

नुस्खा आंख की लाली काटना

रतन ज्योति की जड घिसकर लगाने से आंख की लाली समाप्त होगी।

जाले पर सरल योग

दो भाग मिश्री, एक भाग असली सेंधा नमक छाने और बोतल में रख लें, सुरमें की तरह लगाने से सात रोज में जाला मोतियाबिन्दु दूर हो जाएगा।

साधारण फुली काटने का योग

छोटी हरड, ढाक के बीज, असली सेन्धा नमक लाल चन्दन सबको काट छान सिरस के पत्तों के रस में गोली बना पटिया पर दो बून्द पानी डाल कर घिस लें फिर उसे लगाएं कुछ रोज में फूली कट जाएगी, यह दवा 4-5 सप्ताह दो।

दुखती आंख में विशेष ज्ञातव्य

कोष्ठबद्ध में सडे हुए मल-मूत्र की बदबू द्वारा यदि आंख जोर पर आई हो तो मृदशरेचन या 1 छटांक किशमिश, मिश्री 1 तोला चार रोज दें या आमले का मुरब्बा, गुलकन्द दें, परहेज से रहें, हल्का भोजन करें, कच्चा आंख में तीन रोज कोई दवा नही डालें, जुलाब लें।

आंख की रोशनी निरमल करना

निर्मली के बीज पानी में घिसकर दोनो वक्त लगाने से नजर निर्मल हो जाती है।

पारम्परिक भारतीय वज़न इस प्रकार हैं -

४ धान की एक रत्ती बनती है, ८ रत्ती का एक माशा बनता है, १२ माशों का एक तोला बनता है, ५ तोलों की एक छटाक बनती है, १६ छटाक का एक सेर बनता है, ५ सेर की एक पनसेरी बनती है, ८ पनसेरियों का एक मन बनता है, या पुराने भारतीय नाप-तौल :- 8 खसखस = 1 चावल,

8 चावल = 1 रत्ती, 8 रत्ती = 1 माशा, 4 माशा =1 टंक, 12 माशा = 1 तोला, 5 तोला = 1 छटांक, 4 छटांक = 20 तोला या 1 पाव, 8 छटांक या 40 तोला = 1 अधसेरा, 16 छटांक या 80 तोला = 1 सेर, 5 सेर = 1 पसेरी, 8 पसेरी = 40 सेर या 1 मन, 1 केजी = 86 तोला या 1 सेर 6/5 छटांक, 100 केजी = 1 क्विंटल या 2 मन 27 5/2 सेर।

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