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आंत्र ज्वर टाइफाईड का देशी उपाय

Feed by sandy Cat- Health & Beauty

इसे म्यादी बुखार भी कहते है। इसमें दवा करीब एक सप्ताह चलती है और इतने समय बुखार काम नहीं होता। कमजोरी अधिक रहती है। शाम को ज्वर बढ़ जाता है।

उबलते पानी में शहद डालकर दो उबाल आने पर रोगी को गरम गरम पिलाते रहने से अधिक ज्वर में आंतो पर शामक प्रभाव पड़ता है और रोगी दुर्बल नहीं होता है। गरिष्ठ खाना हानिकारक है।

आंत्र ज्वर के रोगियों के लिए केला आदर्श भोजन है। ये भूख और प्यास कम करता है।

कुछ उपयोगी नापतोल: 8 चावल = 1 रत्ती | 8 रत्ती = 1 माशा | 4 माशा =1 टंक, 12 माशा = 1 तोला | 5 तोला = 1 छटांक | 4 छटांक = 20 तोला या 1 पाव | 8 छटांक या 40 तोला = 1 अधसेरा | 16 छटांक या 80 तोला = 1 सेर | 5 सेर = 1 पसेरी | 8 पसेरी = 40 सेर या 1 मन | 1 केजी = 86 तोला या 1 सेर 6/5 छटांक | 100 केजी = 1 क्विंटल या 2 मन 27 5/2 सेर।।. Read more at: http://fastread.in/explore.php

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