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हिस्टीरिया पेट फूलने पर ये इस्तेमाल करें

Feed by sandy Cat- Health & Beauty

ढाई सेर दूध में सवा सेर पानी मिला तीन छटांक लहसुन की छिली फांक आग पर उबालो, पानी जलने पर शेष को उतार ढाई-ढाई तोले की मात्रा से पिलाएं, बालकों को आधा मात्रा से हृदय रो, लंगडी को दर्द, हिस्टीरिया पेट फूलना समाप्त होगा, मात्रा एक से दो तोला एक या डेढ घंटे के बाद दें, वायु के दर्द में हितकारी है, लहसुन में अधिक मूत्र लाने की शक्ति है, इसलिए जलोदर रोग का नाश करता है, शरीर की सूजन को कम करता है, इसकी फांक को छील दाद पर मलने से ठीक हो जाता है, लहसुन की चार फांक सरसों के तेल की दो बून्द कान में रोज डालने से बहरापन का नाश करता है, इसकी पुरानी खांशी में छाती पुल्टिस बान्धने से लाभ होता है।

पारम्परिक भारतीय वज़न इस प्रकार हैं -

४ धान की एक रत्ती बनती है, ८ रत्ती का एक माशा बनता है, १२ माशों का एक तोला बनता है, ५ तोलों की एक छटाक बनती है, १६ छटाक का एक सेर बनता है, ५ सेर की एक पनसेरी बनती है, ८ पनसेरियों का एक मन बनता है, या पुराने भारतीय नाप-तौल :- 8 खसखस = 1 चावल,

8 चावल = 1 रत्ती, 8 रत्ती = 1 माशा, 4 माशा =1 टंक, 12 माशा = 1 तोला, 5 तोला = 1 छटांक, 4 छटांक = 20 तोला या 1 पाव, 8 छटांक या 40 तोला = 1 अधसेरा, 16 छटांक या 80 तोला = 1 सेर, 5 सेर = 1 पसेरी, 8 पसेरी = 40 सेर या 1 मन, 1 केजी = 86 तोला या 1 सेर 6/5 छटांक, 100 केजी = 1 क्विंटल या 2 मन 27 5/2 सेर।

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