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श्वांस का इलाज

भांग का पत्ता डेढ तोले, धतूरे के पत्ता डेढ तोले लेकर कट कर लें दो तोला कलमीशोरा पानी में भिंगोकर उसमें मिलाकर धूप में लाओ फिर एक माशा यूकेलिप्टन आयल मिलाकर रखले, इसमें से थीड बनाकर या चिलम में रख कर पिला दें, धुआं कुछ देर रोककर छोडे श्वांस का दौरा रुक जाता है।

श्वांस में मिलाकर चटाने से धीरे-धीरे लाभ होता है, ये लाभ अधिक दिन के लिए हो जाता है, दौरा पडने की अवस्था में इसे न दे।

डफैड्रिग का इंजेक्शन श्वांस के दौर को तत्काल रोकता है। इसे बिना डाक्टर की सलाह के न दें।

पारम्परिक भारतीय वज़न इस प्रकार हैं -

४ धान की एक रत्ती बनती है, ८ रत्ती का एक माशा बनता है, १२ माशों का एक तोला बनता है, ५ तोलों की एक छटाक बनती है, १६ छटाक का एक सेर बनता है, ५ सेर की एक पनसेरी बनती है, ८ पनसेरियों का एक मन बनता है, या पुराने भारतीय नाप-तौल :- 8 खसखस = 1 चावल,

8 चावल = 1 रत्ती, 8 रत्ती = 1 माशा, 4 माशा =1 टंक, 12 माशा = 1 तोला, 5 तोला = 1 छटांक, 4 छटांक = 20 तोला या 1 पाव, 8 छटांक या 40 तोला = 1 अधसेरा, 16 छटांक या 80 तोला = 1 सेर, 5 सेर = 1 पसेरी, 8 पसेरी = 40 सेर या 1 मन, 1 केजी = 86 तोला या 1 सेर 6/5 छटांक, 100 केजी = 1 क्विंटल या 2 मन 27 5/2 सेर।

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