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जुडी का इलाज

हुलहुल का पत्ती का रस 3 माशे, गुड 3 माशे मिलाकर जूडी कसे पहले दो बार देने से रुक जाती है।

चौलाई के पौधे को शाम के वक्त निमंत्रण देकर बिना टोके उखाडकर एक कंकडी गुड के साथ हथेली मलकर रोगी को दे। जूडी का समय जब तक निकल न जाए तब तक पानी भी देना चाहिए।

करच के सूखे पत्तों का चूर्ण 1-1 माशे जूडी से पहले तीन बार देने से रुक जाती है।

पारम्परिक भारतीय वज़न इस प्रकार हैं -

४ धान की एक रत्ती बनती है, ८ रत्ती का एक माशा बनता है, १२ माशों का एक तोला बनता है, ५ तोलों की एक छटाक बनती है, १६ छटाक का एक सेर बनता है, ५ सेर की एक पनसेरी बनती है, ८ पनसेरियों का एक मन बनता है, या पुराने भारतीय नाप-तौल :- 8 खसखस = 1 चावल,

8 चावल = 1 रत्ती, 8 रत्ती = 1 माशा, 4 माशा =1 टंक, 12 माशा = 1 तोला, 5 तोला = 1 छटांक, 4 छटांक = 20 तोला या 1 पाव, 8 छटांक या 40 तोला = 1 अधसेरा, 16 छटांक या 80 तोला = 1 सेर, 5 सेर = 1 पसेरी, 8 पसेरी = 40 सेर या 1 मन, 1 केजी = 86 तोला या 1 सेर 6/5 छटांक, 100 केजी = 1 क्विंटल या 2 मन 27 5/2 सेर।

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