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आधुनिक भारतीय नारी

Feed by sandy Cat- Essay

आधुनिक भारतीय नारी के विषय में लिखते हुए, यह स्पष्ट होना चाहिए कि हम भारतीय समाज के किस छोटे किंतु अति महत्वपूर्ण अंग के जीवन व दर्शन का चरित्र-चित्रन कर रहे हैं, जैसे शिक्षित, मध्यम वर्गीय शहरी भारतीय नारी, जो बडी संख्या में गांव में रहने वाली नारिय्ओं को छोड कर जा रही हो।

शहरों में नारियों के जीवन को आधुनिक भारतीय इतिहास की अंके जटिल विशेषताएं प्रभावित करती अहि। इसमें सबसे अधिक प्रभावित करने वाली स्थिति तब होती है, जब आधुनिकता के सिद्धांत, प्राचीनकालीन रुढिय्ओं से टकराते हैं। यह क्रिया बच्चे के जन्म से ही प्रारम्भ हो जाती है। अंके भारतीय परिवारों में बच्चे के रुप में लडके के जन्म की प्रबल इच्छा होती है और लडके को ही अधिक महत्ता दी जाती है। लडके को अधिक सुख के साधन प्रदान किए जाते हैं और उसके उपरांत जो कुछ शेष बचता है, वह लडकियों को दिया जाता है। इस कारण लड्कियों में बचपन से ही हीन भावना आ जाती है और वह एक विद्रोही व्यक्तित्व विकसित करती है। यह सब कुछ प्रदान की गई परिस्थियों पर निर्भर करता है।

उसके जीवन में परिवर्तन की स्थिति तब आ सकती है जब वह छोटी समयावधि के लिए कॉलिज या विश्वविधालय में शिक्षा ग्रहण करती है। इस समय में भी लडकियां सहमी हुई जिन्दगी जीती है। उनकी इच्छाशक्ति व निर्णय लेने की क्षमता भी कमजोर होती है। उसके उपरांत दूसरों के निर्णय के अनुसर उसका विवाह हो जाता है। किंतु इसके विपरीत कभी लडकियां अपने परिवार व समाज की इच्छाओं के विरुद्ध जाकर अप्ने भविषय (कैरियर) को संवारती है। किंतु इस युवा नारी को भी विवाह के जुए का सामना करना होता है, जिसका परिणाम उअके भविषय के विकास को प्रभावित कर सकता है। ऐसे अनेक मामले सामने आते हैं जब रीति-रिवाओं का बोझ ढोते हुए तथा अपने लक्ष्यों को पूरा करते हुए युवावस्था का सार जोश समाप्त हो जाता है और असफलता हाथ लगती है।

सच्चे अर्थ में आधुनिक नारी उसे ही कहा जा सकता है, जो जीवन के सभी तूफानों पर विजय प्राप्त करके अपना विवाहित जीवन व भविषय संवार सके। इस कथा में जो कुछ भी होता है वही एक आधुनिक भारतीय नारी का जीवन है। भारतीय नारी का जीवन घरेलू कर्तव्यों तथा उसके पेशे की मांगो को पूर्ण करने के चक्रव्यूह में फंस जाता है। उसका पति तथा परिवार के अन्य सदस्य उसके घर से बाहर के सामाजिक तथा पेशेवर संसार को कोसना आरम्भ कर देते हैं तथा उसके बॉस तथा अधिकारी भी उसे परेशान करते हैं। इन सभी समस्याओं से जूझते हुए अपने भविष्य को संवारने वाली नारियां बहुत कम ह्ई होती है।

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