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आतंकवाद

Feed by sandy Cat- Essay

आज संसार बहुत-सी परेशानियां का सामना कर रहा है, जिसका एक ज्वलंत उदाहरण आतंकवाद है। आतंकवादी उन लोगों को कहते है जो अपने अधिकारों को प्राप्त करने के लिए हिंसा का सहारा लेते है। वे अपने अधिकारों को प्राप्त करने के लिए किसी की भी जान लेने से नहीं चूकते।

भारत में कई राज्य ऐसे हैं, जहां आतंकवाद अपना कहर बरसा रहा है जैसे असम, पंजाब, कश्मीर आदि। रोज अखबार आतंकबाद की खबरों से भरे रहते है। आतंकवादी सदैव बेगुनाह लोगों को मार कर सरकार से अपने अधिकारों की मांग करते हैं या फिर सैलानियों को बन्दी बना कर।

हमारी प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी तथा राजीव गांधी की हत्या आतंकवादियों ने ही की थी। पाकिस्तान, जिसने हमारे देह में आतंकवाद को बढावा दिया वह स्वंय भी अपने देश में आतंकवाद को रोक नहीं पाया। इसी प्रकार श्रीलंका, अमेरिका, रुस आदि बडे-बडे देश भी आतंकवाद का सामना कर रहे है।

मुम्बई में बम कांड में सैकडों मासूम लोगों की जानें गई। यह भी आतंकवादी गिरोह का कृत्य था। आतंकवादी सदैव आधुनिक यंत्रों तथा नए नए अस्त्रों व शस्त्रों का प्रयोग करते है।

बडे-बडे देशों की अपनी एक आतंकवाद विरोधी शक्ति है, जिसका प्रयोग वे आतंकवादियों को खत्म करने के लिए करते है तथा वे अपने तथा अन्य देशों को आतंकवाद को बढावा न देने की सलाह भी देते है। जबकि यह आतंकवाद स्वयं इन्हीं देशों के द्वारा उत्पन्न की गई समस्या है। विभिन्न देशों की सरकारों को आतंकवादियों को सही मार्ग दिखाना चाहिए तथा नया जीवन शुरु करने में मदद करनी चाहिए।

समाज को भी आतंकवादियों को प्रोत्साहन देना चाहिए तथा अपराध स्वीकर कर उन्हें सुधरने को मौका भी देना चाहिए।

आतंकवाद को दूर करने में सरकार के साथ-साथ समाज में रहने वाले सभी को मदद करनी चाहिए। उन्हें आतंकवादियों के परिवारों को सबके समान समझना चाहिए तथा उनकी अवहेलना नहीं करना चाहिए तथा जो आतंकवादी स्वयं सुधरना चाहते है, उनका रोजगार उपलब्ध करवाना चाहिए। जो आतंकवादी, आतंकवाद को नहीं छोडना चाहते, उनका सही मार्गदर्शन करके प्रोत्साहित करना चाहिए कि वे आतंकवाद को छोडकर अहिंसा का मार्ग अपना सकें।

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