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टेलीविजन

Feed by sandy Cat- Essay

आज के आधुनिक युग में हर घर में टेलीविजन एक महत्वपूर्ण वस्तु बन गई है। बिना टी.वी. के जीवन नीरस प्रतीत होता है। आज के युग में गांव, शर सभी स्थानों पर सभी घरों में टेलीविजन अवश्य होता है।

टेलीविजन जहां मनोरंजन का प्रमुख साधन है, यह शिक्षा का भी एक माध्यम है, क्योंकि भारत जैसे विकासशील देश में शिक्षा का प्रचार-प्रसार होना अत्यंत आवश्यक है। हमारे देश में करोडों पौढ, व्यक्ति अशिक्षित हैं, टेलीविजन भी प्रारंभिक शिक्षा दिए जाने में बहुत लाभदायक है। भारत में शिक्षा दो प्रकार से दी जाती है –औपचारिक और अनौपचारिक। इन दोनों रुपों में टेलीविजन की भूमिका महत्वपूर्ण है।

टेलीविजन के माध्यम से शिक्षा संबंधी कार्यक्रमों का प्रसारण करके उनके प्रति लोगों में जागरुकता तथा पढाई के प्रति रुचि पैदा की जा सकती है।

इसके विपरीत टेलीविजन पर आने वाले कई अन्य कार्यक्रम जो कि डिस्क द्वारा या केबल द्वारा प्रसारित होते हैं, आजकल की नई पीढी को गुमरा कर रहे है। बच्चे अपने मां बाप से छुपकर उन प्रोग्रामों को देखते हैं जो कि उनके मन में विकृति पैदा करते हैं तथा उनका मांससिक स्तर घटा देते हैं।

टेलीविजन जहां हमारे लिए उपयोगी है वहा इसके द्वारा हमारे समाज में कुछ बुराइयां भी पनप रही हैं जैसे : प्रेम-प्रसंग, जिनका कोई भविष्य नही होता। कम उम्र के लडको में चोरी करने के प्रवृति बढ रही है तथा अंग्रेजी फिल्मों के नायकों की भांति लडाईयां करते हैं। उनका भविष्य खतरे में पड जाता है। हमारी सरकार की इस प्रकार के चैनलों पर प्रतिबन्ध लगा देना चाहिए तथा टेलीविजन पे ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों को बढावा देना चाहिए।

टेलीविजन हमारे लिए विज्ञान द्वारा दिया गया एक अमूल्य उपहार है जिसका प्रयोग देश की प्रगति तथा भविष्य को उज्जवल बनाने में करना चाहिए।

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