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हॉस्टल में जीवन या एक स्कूल हॉस्टल में जीवन

Feed by sandy Cat- Essay

हॉस्टल का जीवन धार्मिक तथा पवित्र जीवन होता है। हॉस्टल में स्कूल के साथ साथ घर जैसा महौल होता है। यह रहने में सहायक होता है। यहां का वातावरण पढाई के लिए अनुकूल होता है। यहां घरेलु जीवन के गुण जैसे-सहयोग, सदभावना तथा अपने कार्यो का प्रबन्ध स्वयं करना इत्यादि उपस्थित होते हैं। यदि एक विद्यार्थि इसे गम्भीरता से ले तो वह अपने भीतर अच्छे नागरिक के सभी गुण विकसित कर सक्ता है।

हॉस्टल में रहने वाला एक विद्यार्थी साधारण चिंताओं तथा असुरक्षाओं से मुक्त होता है। यह अपने पढाई पर पूर्ण रुप से ध्यान केन्द्रीत कर सकता है। इसके अतिरिक्त वह अन्य सामाजिक गतिविधियों में भाग ले सकता है तथा वरिष्ठ छात्रों के अनुभवों से सीख सकता है।

वह अपनी जानकारी को भी बढा सकता है तथा अपने कमजोरियों को दूर कर सकता है। अत: वह शिष्टाचारों तथा सुसंस्कृत हो जाता है। उसका संकोच दूर हो जाता है। वह प्रवाह में बोलना सीख जाता है तथा वह अपने विचारों को बडी से बडी सभा में व्यक्त कर सकता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वह विभिन्न प्रकार एवं स्वभाव के छात्रों के सम्पर्क में आता है। वह समाज में व्यवहार करना सीखता है। वह अच्छे शिष्टाचार व व्यवहार करना सीखता है। और भविष्य में वह अनुशासित व्यक्ति तथा देश का अच्छा नागरिक बनता है।

इसके अतिरिक्त छात्रावास जीवन में छात्रावास में रहने वाला विद्यार्थी जो कुछ भी करना चाहता है उसे स्वयं ही करना पडता है। इसके द्वारा उसमें अपनी सहायता खुद करने व खुद पर निर्भर रहने का गुण विकसित होता है। छात्रावास में रहने वाला विद्यार्थी को नियमित रुप से भोजन लेना पडता है। वह देर रात तक नही जाग सकता। इसलिए इस नियमितता से उसकी सेहत में सुधार होता है। साधारण रुप से कहा जाए तो वह एक क्रियाशील तथा सम्पूर्ण व्यक्ति बन जाता है।

किंतु प्रत्येक वस्तु के बुरे पहलू को भी नहीं भूलना चाहिए। छात्रावास जीवन की कुछ हानियां भी होती है। छात्रावास में गरीब तथा अमीर होनों ही प्रकार के छात्र रहते है। जहां अमीर मां-बाप के बच्चे अपने मां-बच्चा से ज्यादा पैसा मंगवाकर पैसे को फिजूलखर्च करते हैं इसके विपरीत गरीब बच्चे पढाई को जारी नहीं रख पाते तथा उनका भविष्य बनने से पहले ही बिगड जाता है। अमीर बच्चे शराब तथा सिगरेट जैसी बुरी आदतों का शिकार होकर अपना भविष्य नष्ट कर लेते हैं।

Fastread.in Author Manisha Dubey JhaDear Reader, My name is Manisha Dubey Jha. I have been blogging for 3 years and through the Fast Read.in I have been giving important educational content as far as possible to the reader. Hope you like everyone, please share your classmate too. As a literature person, I am very passionate about reading and participating in my thoughts on paper. So what is better than adopting writing as a profession? With over three years of experience in the given area, I am making an online reputation for my clients. If any mistakes or wrong in the article, please suggest us @ fastread.ait@gmail.com

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