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सह शिक्षा

Feed by sandy Cat- Essay

सह शिक्षा एक ऐसा ज्वलंत विषय है, जो शिक्षा के गुरुओं के लिए एक चिंता का विषय रहा है। सह –शिक्षा से तात्पर्य है ऐसी शिक्षा प्रणाली जिसमें लडके तथा लडकियां एक साथ पढते हैं।

सह-शिक्षा के विषय में हमारे देश में लोगों की धारणा सदैव गलत रही है। वह चाहते हैं कि लडके-लडकियां आंरम्भिक शिक्षा अलग-अलग प्राप्त करें परंतु वे ऐसा करके समाज में बुराइयों को बढावा देते हैं। लडके-लडकियां यदि अलग-अलग पढते हैं तो वे एक-दूसरे के विषय में जानने के लिए उत्सुक रहते हैं। जिससे उनके मन में या तो कुण्ठाएं घर कर जाती हैं या वे गलत रास्तों पर चल पडते हैं। जिस कारण वे पढाई में ध्यान नही दे पाते तथा गलत संगत में पर चल पड कर कई बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। एक दूसरे के विषय में सही जानकारी न होने के कारण लडकियां, लडकों से बात भी नही करती तथा लडके के विचार लडकियों के प्रति गलत बन जाते हैं। समाज में लडके-लडकियों के बीच अंतर होने का विचारधारा लगातार बढ रही है।

इसके विपरीत यदि हमारे देश में बचपन से ही लडके-लड्कियों को साथ-साथ पढाया जाए तो हमारे देश के लोगों की विचारधारा ही बदल जाएगी तथा सकारात्मक मानसिकता का विकास होगा।

लडके-लड्कियों को एक दूसरे के विषय में बचपन से ही जानकारी प्राप्त होती है तथा उनमें पैदा होने वाली उत्सुकता का जवाब उन्हें स्वयं ही प्राप्त हो जाता है। वह अपने जीवन में सदैव सफल होते हैं क्योंकि उनमें किसी के भी सामने बात करने में कोई हिचक नही होती है।

उनमें एक-दूसरे के प्रति आदर भाव स्वयं ही पैदा हो जाता है।

हमें हमारे देश में उच्च शिक्षा में ही नहीं बचपन से ही सह-शिक्षा पर जोर देना चाहिए, जिससे हमारे देश के लोगों के साथ-साथ हमारा देश भी उन्नति के पथ पर अग्रसर हो सके तथा विश्व के अन्य प्रगतिशील देशों के साथ कदम-से-कदम मिला कर चल सके।

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