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छात्र –असंतोष

Feed by Kumar Sanu Cat- Essay

छात्र-असंतोष आज अके समय में एक फैशन की तरह है। सभी स्कूलों, कॉलेजों तथा महाविद्यालयॉं में सभी छात्र अधिकारी वर्ग से असंतुष्ट रहते हैं तथा इस बात का बदला वे अध्यापकों से लेते हैं तथा शहर में बसें जलाकर, हडताल करके अपना रोष प्रकट करते हैं। यही कारण है कि आज अध्यापकों का जीवन सुरक्षित नहीं रह गया है।

छात्रों के असंतुष्ट रहने का क्या कारण है यह शायद छात्र स्वयं भी नहीं बता पाते। इसका एक मुख्य कारण है छात्रों का ध्यान अपनी पुस्तकों तथा पढाई में न होकर आजकल की राजनीति में। छात्र, राजनीतिज्ञों के हाथ की कतपुतली बनकर कार्य करते हैं। तथा वे अपने भविष्य के विषय में नहीं सोचते। जबकि राजनीतिज्ञ अपने फायदे के लिए उन्हें प्रयोग करते हैं।

एक अन्य कारण आजकल कीमतों का बढना भी है। छात्र अपने माता-पिता को मेहनत तथा संघर्ष करते देखते हैं। इतने संघर्ष के बाद भी वे अपने बच्चों के लिए पर्याप्त धन नहीं जुटा पाते, छात्रों का पैसों की कमी के कारण उत्पन्न रोष अपने कॉलेज के ऊपर उतरता है।

इसका एक अन्य कारण बेरोजगारी भी है। छात्र अपनी पढाई पूरी होने के बाद भी बिना नौकरी के घूमते हैं तथा अपना भविष्य सुरक्षित न पाकर वे अपना गुस्सा कॉलेज व सरकर के अधिकारियों पर दंगा-फसाद करके निकलते हैं।

इसके अतिरिक्त एक अन्य कारण उंका अपनी पढाई में मन न लगना भी है क्योंकि आजकल के छात्र पढाई में मेहनत नहीं करना चाहते। वे बिना पढाई करें परीक्षा में पास होना चाहते हैं तथा आजकल के अध्यापक भी छात्रों को पढाने से ज्यादा अपनी तनख्वाह पर ध्यान देते हैं तथा वेसोचते हैं कि कैसे ये ज्यादा-से-ज्यादा ट्यूशन पढाकर पैसे कमा सकते हैं।

इन सभी कारणों पर विचार करें तो हम इस नतीजे पर पहुंचते हैं कि छात्र-असंतोष के जिम्मेदार न केवल छात्र बल्कि अध्यापक व अधिकारी भी हैं। उन्हें छात्रों के असंतोष का कारण जांकर उसका निवारण करना आवश्यक है। जिससे वे अपनी पढाई की ओर ध्यान दे सकें।  

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