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एक सैनिक का जीवन

Feed by Kumar Sanu Cat- Essay

एक सैनिक आम आदमी के जीवन से भिन्न जीवन जीता थै। वह अपने देश के लिए मर-मिटने को सदैव तैयार रहता है। जब हम अपने घरों में सो रहे होते हैं, तब वह सीमा पर दुश्मनों का सामना कर रहा होता है।

युद्ध के क्षेत्र में भी सैनिक कभी पीठ नहीं दिखाता। वह सदैव दुश्मनों पर हावी रहता है। हर सैनिक की जिन्दगी में एक दीवानापन होता है। उनकी सांस का भरोसा नहीं, कब मौत आ जाए कोई भरोसा नहीं होता।

देश-प्रेम का भाव तो हमारे देश में प्रत्येक नागरिक के भीतर है, परंतु हमारे सैनिक पर देश-प्रेम एक नशे की तरह छाया रहता है। जब वह किसी नगर में दंगों के कारण फैली अशांति को शांति में परिवर्तित करते हैं, तभी उनके मन में संतोष पैदा होता है। सैनिक न केवल युद्ध के केवल युद्ध के मैदान में बल्कि देश पर आने वाली अन्य विपदाओं जैसे-बाढ, भूकम्प, तूफान, दुर्घटना आदि में भी मदद करने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं।

हर सैनिक सेना में रहने के कारण अनुशासन-प्रिय हो जाता है तथा वह अपने परिवार को भी सदैव अनुशासन में रखता है। सैनिकों के मन में एकता का भाव सदैव हिलोरे लेता रहता है। सैनिक देश की एक्ता बनाए रखने में सहायता करते हैं। तथा सैनिक, सेना में आपस में भी एकता में रहते हैं।

सैनिकों में देश-प्रेम इतना अधिक होता है कि वह अपने परिवार को छोड कर देश के लिए वर्षो तक देश की सीमा पर रहता है। उसके लिए ठंड या गर्मी कोई महत्व नहीं रखती। वह सदैव देश के लिए कुछ-ना-कुछ करते रहने को तैयार रहता है।

हमारे अज के युवा वर्ग को सैनिकों के जीवन से शिक्षा लेनी चाहिए तथा अपनी ध्यान हडताल, दंगो तथा ऐशो आराम से हटाकर अपने देश के लिए कुछ करने के लिए सोचना चाहिए क्योकि वही देश के भविष्य हैं।  

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