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राष्ट्रीय एकता

Feed by Kumar Sanu Cat- Essay

किसी-भी राष्ट्र के लिए एकता का होना अत्यंत आवश्यक है। भारत जैसे विविधताओं से भरे देश में राष्ट्रीय एकता न होती तो भारत कई भागों में बंट गया होता। भारत में धर्म, भाषा, रेंज रुप, खान-पान, रहन-सहन आदि में इतनी विविधता है कि देश में एकता होना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है परंतु हमारे देश में फिर भी लोग एक साथ रहते हैं, एक-दूसरे से प्रेम करते हैं तथा एक-दूसरे का दुख-सुख में साथ देते हैं।

भारत की एकता को खण्डित करने का अंग्रेजों तथा पाकिस्तान ने बहुत प्रयास किया परंतु हमारी जनता ने उनके प्रयासों को कभी सफल नहीं होने दिया।

परंतु जहां विदेशी ताकत का हमने मुकाबला किया वहीं हमारे देश के स्वार्थी नेता अपना कार्य सिद्ध करने के लिए हमारे देश में दंगे करवाते हैं तथा देश को तोडने की कोशिश करते हैं। हमारे देश के नागरिकों को उनके इरादों को कभी कामयाब नहीं होने देना चहिए तथा समझदारी से काम लेना चाहिए तथा देश की एकता को बना कर रखना चाहिए।

जितनी जातियां तथा धर्म भारत में है, उतने धर्मो के लोग किसी अन्य देश में नहीं रहते, फिर भी उन देशों में दंगे होते रहते हैं तथा देशों में सदैव अशांति बनी रहती है। इसके विपरीत भारत में रहने वाले विभिन्न धर्मो के लोग एक-दूसरे के साथ मिल-जूल कर रहते हैं। कभी-कभी वे लोग अपने मार्ग से हट जाते हैं तथा स्वार्थी नेताओं की बातों मे आकर आपस में झगडा भी करते हैं परंतु वह जल्दी ही सही रास्ते पर आ जाते हैं तथा आपस में भाई-भाई की तरह रहते हैं।

राष्ट्रीय एकता को और मजबूत करने के लिए सरकार को अनेक उपाय करने चहिए। उसे भेदभाव पैदा करने वाले नियमों तथा कानूनों को खत्म कर देना चाहिए। अंतर्जातीय विवाह को बढावा देना चाहिए, राष्ट्रीय एक्त को बढावा देने वाले लोगों को प्रोत्साहित करना चाहिए तथा सबसे अधिक देश के नागरिकों को सरकार का साथ देना चाहिए। और सबसे जरुरी हमारे देश में आरक्षण एक बिमारी कि तरह पनप रही है जिस उद्देश्य से ये बनाया गया उसका दुरुप्योग हो रहा है अब समय आ गया है कि इसे ख्त्म कर देना चाहिए सब्को बराबर समझ कर हर क्षेत्र में बराबर कि दर्जा देना चाहिए।

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