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सुबह की सैर

Feed by Kumar Sanu Cat- Essay

चाहे मनुष्य स्वयं जाए या अन्य लोगों के साथ समूह में, पैदल चलना एक महान आनन्द प्रदान करता है। कुछ लोग अकेले जाना पसन्द करते हैं क्योंकि उस समय वे दिन भारत की प्रमुख समस्याओं पर शांतिपूर्वक सोच सकते हैं, महात्मा गान्धी उनमे से एक थे। वह हर सुबह बहुत तेज पैदल चलते थे। किंतु उनके साथ उनके शिष्य होते थे। वे पैदल चल्ते हुए दिन की अनेक समस्याओं पर विचार करते थे।

पैदल चलने वाले लोग संसार के प्रत्येक भाग में मिलते हैं। कुछ लोग आनन्द के लिए लम्बी पैदल यात्रा करते है और कुछ लोग स्वास्थ्य के लिए। कुछ लोग जब घर पर थक जाते है तो वे पैदल चलना पसंत करते हैं तथा वे लोग भी पैदल चलना पसन्द करते हैं, जिन्हें अन्य कोई लाभप्रद कार्य करने के लिए नहीं मिलता। स्वयं से दूर जाने के प्रयास में वह घर से दूर चले जाते हैं। आस-पास के नए वतावरण में वे एक नई रुचि पाते हैं। वे हरे मैदान व चारागाह देखते हैं। पैदल चलने के दौरान वे नए मित्र बनाते हैं। और कभी-कभी यह मित्रता व्यावसायिक सहस में परिवर्तित हो जाती है या प्रेम में और यहां तक कि विवाह में।

कुछ लोगों में पैदल चलना उनकी आदत होती है। वे जो कुछ भी समय बचा पाते हैं उसे पैदल चलने पर व्यय करते हैं। उनमें दूर-से-दूर की तीव्र इच्छा होती है। इनमें पैदल चलने की अत्यधिक क्षमता होती है। यह उन्हें अत्यधिक आनन्द प्रदान करता है।

पैदल चलने के दौरान एक व्यक्ति प्रकृति की सुदरता का आनन्द उठाता है व स्वस्थ तथा तरोताजा अनुभव करता है। कुछ लोग पशुओं व पक्षियों पर अध्ययन कर सकते हैं। और उनकी आदतों का अध्ययन कर सकते हैं। कुछ लोग फूलों, पौधों तथा पेडों की सुदरता का आनन्द ले सकते हैं। पहाडियों पर पैदल चलने में कोई आन्तरिक आनन्द नहीं है। जब सूर्य उगता है तो बर्फ से ढकी पहाडियों का नजारा बहुत आनन्ददायक होना है।

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