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वन्य जीवन

Feed by Kumar Sanu Cat- Essay

वन का हमारे जीवन में बहुत महत्व है। प्रकृति का संतुलन बनाए रखने के लिए धरती के 33% भाग पर वनों का होना आवश्यक है। ये वन नमी को भीतर सुरक्षित रखते हैं। इससे हमें फल-फूल, हरियाली, सुख तथा शीतलता प्राप्त होती है।

वन सचमुच जीवनदायक है। वे वर्षा को लाने में सहायक होते हैं। वे बादलों को निमंत्रन देते हैं। धरी की उपजाऊ शक्ति बढाते हैं तथा जंगलों के कारण बाढ को खतरा भी टल जाता है। वनों के कारण सूखा नहीं पडता तथा रेगिस्तान का फैलाव रुकता है।

वन, पर्यावरण से प्रदूषण के निवारण में सहायक है। वह कार्बन डाइऑक्साइड को शोषण करके हमें ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, जिससे वायुमण्डल में गैसों का संतुलन बना रहता है।

वनों के द्वारा हमें कई जडी-बूटियां प्राप्त होती है, जो हमारे स्वास्थ्य को लाभ प्रदान करती है। वनों से हमें लकडी, फूल-पती, खद्य-पदार्थ, गोन्द तथा अन्य सुविधा की वस्तुएं प्राप्त होती है। यदि वन न होटल तो हमारे लिए प्रकृति का अमूल्य उपहार है।

दुर्भाग्य से भारत में आज केवल 25% वन रह गए है। जनसंख्या के बढने के साथ-साथ वनों व पेडों की संख्या में कमी आती जा रही है। वनों का संतुलन बनाए रखने के लिए 10% वनों की और आवश्यकता है। वन संरक्षण एक महत्वपूर्ण कार्य है तथा इसके लिए एक-एक व्यक्ति को योग्दान देना चाहिए। सरकार को पेडों को काटने पर प्रतिबन्ध लगा देना चहिए। प्रत्येक मनुष्य को प्रणाम करना चाहिए कि वह पेडों को नही काटेगा तथा अपने जीवन में एक पेड अवश्य लगाएगा तथा सरकार की सहायता करेगा। लोगों को घर में, गांव में, नगर में पेड लगाने चाहिए। सरकार को भी बंजर जमीन पर, पहाडियों पर पेड लगाने चाहिए जिस्से भूस्खलन न हो तथा सरकार को हर व्यक्ति की मदद कर उसको प्रोत्साहित करना चाहिए।

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