Print Document or Download PDF

अगर मैं भारत का प्रधानमंत्री होता!

Feed by Kumar Sanu Cat- Essay

मेरी दिल की इच्छा है कि मैं भारत का प्रधानमंत्री बनकर देश की सेवा करुं। प्रधानमंत्री भारत सरकार में सबसे ऊंचे ओहदे पर होता है। वह राष्ट्रपति के बाद दूसरे स्थान पर होता है। वह राष्ट्रपति के नाम पर सभी कार्य कर सकता है। इसीलिए मैं चाहता हूं कि मैं देश का प्रधानमंत्री बनकर देश की सेवा करुं।

किसी-भी देश के प्रधानमंत्री के लिए देश ही महत्वपूर्ण होता है। वह सदैव देश के हित में सोचता है तथा स्वयं को भूल जाता है तथा अपने जीवन के प्रति कोई भी समझौता करने के लिए तत्पर रहता है। उसके मस्तिष्क में देश का हित सर्वोपरि होता है। वह सदैव देश की उन्नति के विषय में ही सोचता है।  

अगर मैं प्रधानमंत्री होता तो सर्वप्रथम देश से गरीबी और अनपढता को दूर करता। सभी को तीन रुपये में शिक्षा प्रदान करता। मैं देश में सभी वर्गों को समान अधिकार देता तथा जाति-पांति के भेदभाव दूर करता तथा आपस के झगडों से दूर सबको प्रेम और एकता से रहना सिखता। मेरा अलगा कदम देश से भ्रष्टाचार को मिटाना होता, जो हमारे देश को दीमक की तरह चाट रहा है। अपनी सेना को सभी प्रकार की सुविधायें जैसे आधुनिक यंत्र तथा अन्य तकनीकी शिक्षा देता, जिससे देश की सेना मजबूत होती तथा कोई शत्रु हमारी तरफ बुरी नजर से नहीं देखता तथा हमारे देश में फैल रहे आतंकवाद को दूर करने के लिए देश के नागरिकों को प्रशिक्षण देता तथा उनसे सेना की सहायता की अपील करता।

इसके पश्चात देशों से मित्रता के संबन्धो को बढावा देता तथा अपने देश में शांति स्थापित करता। चीन, पाकिस्तान, श्रीलंका तथा बंग्लादेश जैसे देशों से मित्रता बढाता तथा उनकी हर प्रकार से मदद करता और उनसे मदद मिलता। मैं एक ऐसी समिति बनाता जो मानव जाति के उत्थान केल इए कार्य करती तथा देश की माली आर्थिक हालत में सुधार के लिए सभी आवश्यक कदम उठाता। मै देश से बेरोजगारी मिटाता उन्हें नए नए स्त्रोत देता जिससे वो देश के अर्थव्यवस्था मे भागीदारी होते।

भारत ने सदैव ऐसे कर्य किए हैं, जो मानव जाती तथा दुनिया के लिए फायदेमन्द रहे हैं। मैं भी दुनिया के लिए, अपने देश के लिए तथा मानव जाति के लिए कार्य  करता। यदि मैं प्रधानमंत्री होता!

Read More.


Go Back