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अदरक से रोगों का रामबाण उपचार

Feed by sandy Cat- Health & Beauty

अदरक, एक प्राकृतिक जडीबूटी है। अदरक की खेती की जाती है। अदरक जमीन के अन्दर पैदा होने वाली जडी है, अदरक में इतने गुण भरे हुए है कि यह अकेला ही अनेकों रोगों का उपचार कर सकता है।

1. पेट के रोगों में: आजकल हर इंसान को पेट की गैस का रोग अधिक परेशान किए हुए है। गैस के रोग में अदरक का सेवन तो रामबाण औषधि की तरह काम करता है। यह पेट की गैस के अलावा, कब्ज को भी दूर करता है और भूख भी बढाता है।

सबसे पहले अदरक को सुखाकर सौंठ बना लें, क्योंकि सूखी हुई अदरक सौंठ कहलाती है। दोनों के गुण और दोनो की तासीर भी एक ही है।

50 ग्राम सौंठ को 30 ग्राम अजवाइन के साथ कूटकर उसमें एक नींबू का रस मिला लें और फिर सुखा लें। तीनों चीजें सूख जाने के बाद उसे कूटपीस कर छान लें। फिर हर रोज सुबह-शाम एक-एक चम्मच पानी के साथ सेवन करते रहने से पेट के समस्त रोग दूर हो जाते हैं।

सौंठ, हींग और काला नमक मिलाकर चूर्ण बना लें। फिर हर रोज एक-एक चम्मच सुबह शाम एक हफ्ते तक ताजा पानी के साथ सेवन करें। पेट के हर रोग से छोटकारा पा जाएंगे।

कच्ची 10 ग्राम अदरक को चाकू से छीलकर उसके छोटे-छोटे टुकडें बना लें और उसमें थोडा-सा नींबू का रस व काला नमक मिला कर दोनों वक्त भोजन के साथ इस्तेमाल करें। पेट के रोग से मुक्ति मिल जाएगी।

2. आवाज बन्द में: कभी-कभी आदमी का गला अपने आप बन्द हो जाता है। ऐसी स्थिति कभी-कभी चिंताजनक हो जाती है। ऐसे रोग के उपचार में अदरक अत्यंत लाभकारी होता है। ऐसे रोगी द्वारा अदरक के रस को शहद में मिलाकर तीन-चार बार चाटने से कुछ ही दिनों में बन्द गला खुल जाता है।

अदरक और हींग दोनों को आग पर तवा रखकर भुलभुला लें। फिर दोनों को पीसकर काला नमक मिलाकर उसकी मटर के बराबर गोलियां बना लें। फिर हर रोज तीन-चार बार उन गोलियां को चूसें, तीन दिन में ही गला खुल जाएगा।

2. खांसी: खांसी का रोग व्यक्ति को चैन नहीं लेने देता है। खास तौर पर बच्चों को खांसी ज्यादा परेशान करती है, 30 ग्राम अदरक के रस में 30 ग्राम शुद्ध शहद मिलाकर आग पर थोडा गर्म कर लें। फिर ठण्डा करके दिन में चार-पांच बार एक-एक चम्मच दोनों का बना हुआ मिश्रण प्रयोग करें। तीन दिन में ही खांसी का नामोनिशान मिट जाएगा।

3. दमा रोग: दमे के रोगी के लिए 25 ग्राम अदरक को कूटकर 250 ग्राम पानी में उबालें। उसके बाद जब पानी उबलते-उबलते आधा रह जाए तो उसमें 200 ग्राम दूध तथा 20 ग्राम चीनी मिलाकर चाय की तरह बनाकर छान लें। दिन में तीन चार बार उस चाय का रोगी को सेवन करायें। 60 दिन के सेवन से ही दमे के रोग से छुटकारा मिल जाता है।

इसी विधि द्वारा एक हफ्ते के प्रयोग से ही खांसी, नजला और जुकाम रोग भी दुर हो जाते हैं।

दूसरी विधि के अनुसार दस ग्राम सौंठ को 20 ग्राम गुड के साथ 200 ग्राम पानी में उबालें। पानी जब आधा रह जाए तो उसे नीचे उतार कर ठण्डा कर लें। इस चाय का तीन दिन तक प्रतिदिन सुबह-शाम-रात रोगी को सेवन करायें। इस उपचार से खांसी नजला और बुखार तक दूर हो जाता है।

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