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मरोड्फली से रोगों का उपचार

Feed by sandy Cat- Health & Beauty

मरोडफली के वृक्ष छोटे होते हैं, जिन पर जुलाई अगस्त माह में लाल रंग के फूल खिलते हैं और अक्टूबर-नवम्बर में फल आते है, जिन्हे मरोड फली कहा जाता है। इसका प्रयोग दवाइयों में ही होता है। दवाई की खुराक रोगी को निम्न मात्रा में देनी चाहिए। चूर्ण रुप में 2 ग्राम एक बार में। काढा रुप में आधा कप एक बार में।

शुगर रोग ( मधुमेह या डायबिटीज ) : जिन लोगों को शूगर की बीमारी है- ऐसे रोगी को मरोड फली के वृक्ष की छाल का काढा नित्य सुबह शाम देने से 60 दिन के प्रयोग से ही शूगर का रोग खत्म हो जाता है।

बच्चों की पेचिश: जिन बच्चों को पेचिश लग जाती है-पेट में मरोड उठती है-ऐसे बच्चों को मरोड फली घिस कर सुबह-दोपहर-शाम चटाने से एक हफ्ते में पेचिश चली जाती है।

पेट रोग : पेत के समस्त रोगों में मरोड फली का काढा सुबह-शाम सेवन करने से 20 दिनों के प्रयोग से ही पेट के सारे रोग दूर हो जाते हैं।

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