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चन्द्रसूर से रोगों का उपचार

Feed by sandy Cat- Health & Beauty

चन्द्रसूर, का पौधा 50 से.मी. ऊंचा होता है। इसके छोटे-छोटे सफेद रंग के फूल जनवरी-फरवरी माह में खिलते हैं। इसकी खेती पूरे देश में होती है। इसकी बीज ही औषधि के काम आते है। इसके बीजों से खुशबूदार तेल निकलता है। इसके पंचांग में आयोडीन, आयरन, गन्धक पोटाश आदि लवण पाये जाये जाते हैं।

अजीर्ण, पार्श्वशूल एवं कटि पीडा: उपरोक्त रोगों में चन्द्रसूर का 20 ग्राम चतुर्बीज चूर्ण, 20 ग्राम चन्द्रसूर के बीज, 20 ग्राम मेथी, 20 ग्राम अजवायन, 20 ग्राम काला जीरा-इन चारों को कूटपीस कर कपडछन कर लें। फिर 3 ग्राम चूर्ण सुबह-शाम ताजा पानी के साथ 10 दिन तक सेवन करें तो उपरोक्त सभी रोग दूर हो जाएंगे। इससे सारे वात रोग भी दूर हो जाते है।

पेटदर्द, आमवात, आंतरिक शोध एवं जोडों के दर्द: दर्द कैसा भी हो? शरीर के किसी भी अंग में अन्दर हो या बाहर, चन्द्रसूर के बीजों को नींबू के रस में पीसकर पीडा वाली जग पर लेप करने से 15 दिन के प्रयोग से ही सब दर्द दूर हो जाते हैं और रोगी को आराम मिल जाता है।

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