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सिताव से रोगों का उपचार

Feed by sandy Cat- Health & Beauty

सिताव एक शाकीय पौधा है, जिसके छोटे-छोटे पीले रंग के फूल जुलाई अगस्त के महीने में आते हैं जो सितम्बर-अक्टूबर के महीने मं फल बन जाते हैं। इसका प्रयोग औषधि रुप में किया जाता है।

कान दर्द: कान दर्द होने पर सिताव के पत्तों के रस की एक-एक बून्द डालने से दर्द तुरंत बन्द हो जाता है और रोगी को आराम मिल जाता है।

अतिसार, गुल्म तथा पेट दर्द: तिसार, गुल्म और पेट दर्द के रोग में सिताव के पत्तों का काढा बनाकर रोगी को आधा कप सुबह आधा कप शाम को सेवन कराने से तीन दिन में ही पेट दर्द दूर हो जाता है तथा दस दिन के सेवन से अतिसार और गुल्म के रोग दूर हो जाते है।

बच्चों के आक्षेप रोग: बच्चों के आक्षेप रोग में सिताव के पत्तों का एक चम्मच रस रोगी को सुबह शाम शहद में मिलाकर 10 दिन तक देने से रोग दूर हो जाता है।

बुखार: बुखार होने पर इसके फल का काढा बनाकर एक कप सुबह एक कप शाम को रोगी को सेवन कराने से खुलकर पसीना आता हैऔर तीन दिन में ही रोग से मुक्ति मिल जाती है।

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