Print Document or Download PDF

तेजबल से रोगों का उपचार

तेजबल, के वृक्ष छोटे कद के होते हैं, जिस पर अप्रैल से जून तक फूल खिलते हैं। इसकी तासीर गर्म होती है। इसके फल नुकीले होते हैं, जिसके बीजों का ही औषधि रुप में प्रयोग किया जाता है।

दांतों का मैल तथा मुंह की बदबू: इसके बीजों का चूर्ण दंत मंजन में प्रयोग किया जाता है, जिसके सेवन से दांतों पर जमा मैल तथा मुंह की बदबू दोनों ही साफ हो जाते है। दांत चमक उठते है। मुंह के अन्दर की गन्दगी दूर हो जाती है।

बदहजमी तथा पेट खराबी: बदहजमी तथा पेट की खराबी में रोगी को इसके बीजों का चूर्ण बनाकर 2 ग्राम सुबह-शाम ताजे पानी के साथ 10 दिन सेवन कराने से पेट की खराबी दूर हो जाती है तथा बदहजमी ठीक हो जाती है।

अफारा: जिन लोगों के पेट में अफारा हो जाता है, जिसके कारण पेट फूल जाता है। खट्टी मीठी डकारें आने लगती है, ऐसे रोगी को इसके बीज का चूर्ण काला नमक मिलाकर 3-3 ग्राम सुबह-शाम ताजे पानी से सेवन कराने से एक हफ्ते में रोग दूर हो जाता है।

Read More.


Go Back