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ईख (गन्ने) (Sugar Cane) से कई रोगों का उपचार करें

ईख को गन्ना भी कहते हैं। किसान गन्ने की फसल पैदा करते हैं। इसी गन्ने के रस से गुड, बूरा और चीनी तैयार होती है। इसकी फसल सर्दी में पककर तैयार हो जाती है। इसकी तासीर ठण्डी होती है। इसके रस का उपयोग औषधि रुप में किया जाता है। इसका रस बहुत मीठा होता है।

पीलिया रोगियों के लिए: जिन लोगों को पीलिया का रोग हो जाता है-उनके लिए तो गन्ने का रस अमृत होता है। ऐसे रोगी का प्रतिदिन अधिक से अधिक गन्ने के रस का सेवन कराने से कुछ ही  दिनों में पीलिया का रोग दूर हो जाता है और रोगी बिल्कुल स्वस्थ हो जाता है।

शारीरिक ताप: गर्मी के मौसम में कुछ लोगों के शरीर का ताप बहुत अधिक बढ जाता है, जिसके कारण उस व्यक्ति के दिल में घबराहट पैदा हो जाती है। सिर चकराने लगता है। आंखों के आगे अन्धेरा छाने लगता है। ऐसे व्यक्ति को एक-एक गिलास सुबह-शाम ताजा गन्ने के रस का सेवन कराने से केवल एक हफ्ते में शरीर की गर्मी दूर हो जाती है। दिल का घबराना बन्द हो जाता है। शरीर मं एक नई शक्ति व स्फूर्ति आ जाती है।

मूत्र रोग: जिन लोगों को गर्मी के कारण मूत्र रुक-रुककर जलन के साथ आता है ऐसे रोगी को गन्ने के रस का सेवन सुबह-शाम कराने से तीन दिन में ही मूत्र विकार दूर हो जाता है। मूत्र खूलकर आता है। जलन भी बन्द हो जाती है।

दांतों की मजबूती: गन्ने को लगातार चूसने से दांत मजबूत हो जाते हैं और चमक भी जाते हैं।

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