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स्वस्थ तन का आधार स्वस्थ मन

कहते हैं कि स्वास्थ्य ही जीवन है। किंतु आज की व्यस्त और तनाव ग्रस्त जिदंगी में मानव अपने स्वास्थय पर पूर्ण ध्यान नहीं दे पा रहा है। काम व्यवस्तता और तनाव के कारण मनुष्य के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड रहा है। आम जिंदगी में बदलती जीवन शैली आम जनता को बीमार बना रही है। इसके कारण कम उम्र में ही लोग कई गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। वर्तमान समय में बढते तनाव और खान-पान से युवाओं में न्यूरोलॉजिकल बीमारियां, डायबिटीज, ब्लडप्रेशर, जैसी कई बीमारियां लोगों को अपना शिकार बना रही है। चिकित्सकों के मुताबिक थोडी सी सावधानी और लाईफ स्टाइल को चेंज करके हम बहुत सी बीमारियों पर नियंत्रण पा सकते हैं। बदलती जीवन शैली के बीच अनियमित खान-पान के चलते लोग मोटापे व डायबिटीज का शिकार हो रहे हैं। इसके चलते यही मोटापा और डायबिटीज वर्तमान समय में घुटनों की समस्याओं का कारण बनता जा रहा है। घुटनों में संक्रमण होने के कारण घुटने के ब्ल्ड सेल्स प्रभावित हो जाते हैं। और घुटनों की ताकत कम होने से घुटनों से घुटने कमजोर होने लगते हैं। धीरे-धीरे करके नष्ट होने लगते हैं और मरीज को चलने-फिरने में परेशानी होने लगती है। ऐसी स्थिति में मरीजों को दवाओं से आराम नही दिया जा सकता है और घुटनों को प्रत्यारोपण ही एकमात्र इलाज है।

लोगों में जागरुकता: वर्तमान समय में शारीरिक श्रम कम होने के कारण लोगों में वजन बढने की समस्या आम हो गई है। अच्छी सेहत की बात सभी करते हैं, और इसके प्रति काफी हद तक जागरुकता आई भी है फिर भी कई मामले ऐसे आते हैं, जो सोचने पर विवश कर देते हैं। वैश्विक आधार पर स्वास्थ्य से जुडे सभी मुद्दे को विश्व स्वास्थ्य दिवस लक्ष्य बनाता है। जिसके लिए विभिन्न जगहों जैसे स्कूल कॉलेजों और दूसरे भीड वाले जगहों पर दूसरे संबधित स्वास्थ्य संगठनों और डब्ल्यूएचओ के द्वारा सालाना विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। स्वास्थ्य के महत्व की ओर बडी संख्या में लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन के नेतृत्व में हर वर्ष 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। डब्ल्यूएचओ के द्वारा जेनेवा में वर्ष 1948 में पहली बार 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाने के लिए फैसला किया गया था। विश्व स्वास्थ्य दिवस के रुप में 1950 में पूरे विश्व में पहली बार मनाया गया था।

नियमित व्यायाम: आज ये फैसला करें कि आम सुबह या शाम में आधा घंटा निकालकर नियमित रुप से व्यायाम करेंगे। जरुरी नहीं कि इस व्यायाम में आप जिम जाएं और पैसे खर्च करें। यह व्यायाम किसी भी तरह किया जा सकता है। आप चाहें तो योग कर सकते हैं, सैर कर सकते हैं, ध्यान लगा सकते हैं या हल्के, फुल्के व्यायाम जैसे गर्दन के लिए, आंखों के लिए, हाथ पैरों के लिए आदि कर सकते हैं।

हेल्दी रहना है तो खुद से करें ये बादे

रेगुलर हेल्थ चेकअप: माना कि आप एकदम स्वस्थ महसूस करते हैं और आपको लगता है कि आपको किसी तरह के हेल्थ चेकअप की जरुरत नही है। पर कई हेल्थ ईशू होते है, जिन्हें साइलेंट किलर के नाम से जाना जाता है। इस तरह की परेशानियों की समय रहते पकड लिया जाए तो इसंके खतरों को रोका जा सकता है। इसलिए आज ही अपनी सेहत को ध्यान में रखते हुए रेगुलर हेल्थ चेकअप को अपनाएं।

हमेशा खुश रहें: स्वस्थ तन का आधार एक स्वस्थ मन है, और कहते है ना कि खुशी कहीं बाहर खोजने से नहीं मिलेगी, वह आपके अन्दर ही होगी। इसलिए खुश रहें। यह आपको मानसिक शांति प्रदान करेगा और रोजाना के तनाव को आप पर हावी नही होने देगा। आज जो लाइफटाइम हम जीते हैं उसमें तनाव कई बीमारियों के कारण होता है।

आहार पर ध्यान दें: जिस तरह आपका फोन उतना ही चलता है जितना कि आप उसकी बैटरी को चार्ज करते हैं। उसी तरह आपका शरीर भी उतना ही काम कर पाएगा और उसी अनुपात से काम कर पाता है जैसा कि आहार आप उसे आहार देते है। अगर आप रोज सुबह से शाम तक थकान महसूस करते हैं तो बहुत जरुरी है कि आप अपने आहार पर ध्यान दें। आप कितना खाते हैं। इसलिए बाजार का तला खाना और फास्टफूड बन्द करें, और आहार में फल, हरी सब्जी और फास्टफूड बन्द करें, और आहार में फल, हरी सब्जी, ड्राई फ्रूट्स, ओट्स, दही और दूध को जरुर शामिल करें।

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