Print Document or Download PDF

पुदीना से रोगों का उपचार

पुदीना, दो प्रकार का होता है। पहला घरेलू जो पैदा किया जाता है ओर सबसे ज्यादा गुणी होता है। दूसरा जंगली पुदीना जो प्राकृतिक होता है और अपने आप ही पैदा होता है। पुदीना के छोटे-छोटे हरे पत्ते होते हैं जो अनेक रोगों में औषधि का काम करते हैं। घरेलू पुदीना की फसल बारह महीने पैदा की जा सकती है।

पेट रोग होने पर: पुदीना पेट के सभी रोगों में एक रामबाण औषधि है। पेट में गैस, खट्टी डकारें, बदहजमी, कब्ज, अफारा, आंतों में घाव, एसिड आदि रोगों के लिए पुदीने के आधा कप रस में थोडा सा नींबू का रस तथा पिसा जीरा एवं नमक डालकर रोगी को प्रतिदिन भोजन के बाद सुबह-शाम एक हफ्ते तक सेवन करायें। पेट के सभी रोगों से छुटकारा मिल जाएगा।

हैजा होने पर: हैजे के रोग में पुदीना संजीवनी बूटी का काम करता है। अगर किसी व्यक्ति को हैजा हो जाये तो फौरन पुदीना, प्याज को पीसकर उसका एक गिलास रस निकाल लें। उसमें एक नींबू का रस निचोड कर मिला लें, काला नमक डालकर रोगी को लगातार एक-एक घंटे बाद आधा-आधा कप पिलाते रहें। 24 घंटे में हैजा ठीक हो जाएगा।

रुप सौन्दर्य: जिन महिलाओं के चेहरों पर दाग-धब्बे, कील-मुहासे, काली झाएयां आदि हो जाने से उनकी सुन्दरता खत्म हो जाती है। ऐसी महिलाओं को रात में पुदीने का लेप लगाकर सोना चाहिए। सुबह उठकर उस लेप को छुडा कर साबुन से मुंह धो लें। यह विधि 40 दिनों तक लगातार अपनानी चाहिए। चेहरे के सारे दाग धब्बे खत्म हो जाएंगे और रुप निखर आएगा।

पाचन शक्ति: जिन लोगों की पाचन शक्ति कमजोर होती है-ऐसे रोग में पुदीना, प्याज, अनारदाना, नमक तथा तीन हरी मिर्च मिलाकर इन चीजों को सिल-बटने से पीसकर चटनी बना लें और फिर भोजन के साथ प्रतिदिन सेवन करें। साथ ही हर रोज सुबह पुदीने के रस का आधा कप पानी के साथ 40 दिन तक लगातार सेवन करने से पाचन शक्ति बध जाती है और पेट के अन्य रोग भी पैदा नहीं होते।

प्रसूति ज्वर: जिन महिलाओं को प्रसव के बाद ज्वर आना शुरु हो जाए तो ऐसा बुखार प्रसूति-ज्वर कहलाता है। ऐसी महिलाओं को पुदीने के रस का एक गिलास पूरे दिन में तीस दिन तक सेवन करना चाहिए। प्रसूति ज्वर से छुटकारा मिल जाएगा।

उल्टियां: जिन लोगों को उल्टियां आनी शुरु हो जाती हैं-ऐसे लोगों को तुरंत पुदीने के रस में थोडा सा नींबू का रस मिलाकर दो तीन बार सेवन करा दें। उल्टियां आनी बन्द हो जाएंगी और रोगी के पित्त को भी शांति मिल जाएगी। वैसे भी पुदीने का रस कृमिनाशक होता है।

गर्मी के बुखार: गर्मी के हर तरह के बुखार में पुदीने का रस अत्यंत लाभकारी होता है।

Read More.


Go Back