Print Document or Download PDF

सनाय की पत्तियों से रोगोपचार

सनाय, की पत्तियां अंडाकार, सवृंतक एवं मृसग होती है। इसके फूल पीले रंग के होते हैं। वैसे तो यह अरब देशों की देन है। वहीं यह पौधा पैदा होता है। लेकिन अब हमारे यहां भी केरल प्रदेश में सनाय की खेती की जाने लगी है। यह पौधा केवल औषधि रुप में ही काम आता है।

पुरानी कब्ज: सनाय की पत्तियां पुरानी कब्ज को दूर करने में रामबाण औषधि का काम करती है। कब्ज वाले रोगी को सनाय की पत्तियों का चूर्ण दो चम्मच ताजा पानी के साथ अथवा गुनगुने पानी के साथ सेवन करना चाहिए। सुबह पेट साफ हो जाएगा। कुछ ही दिनों में पुरानी कब्ज खत्म हो जाती है।

पित्त बुखार: पित्त बुखार होने पर सनाय की पत्तियां तथा 20 ग्राम अमलतास को 100 ग्राम पानी में डालकर उबालें। पानी जब आधा रह जाए तो छुटकारा मिल जाएगा।

उदर रोग एवं एवं पेट गैस: सनाय की पत्तियों का चूर्ण एक चम्मच पानी के साथ उस रोगी को सुबह शाम सेवन करायें, जिसे पेट दर्द, पेट गैस अथवा अन्य रोग हैं। केवल एक हफ्ता सनाय की पत्तियों का चूर्ण प्रयोग करने से पेट के सभी रोग दूर हो जाते हैं और पेट गैस से भी छुटकारा मिल जाता है।

कृमि रोग, खांसी एवं गुल्म: उपरोक्त रोगों में सनाय की पत्तियों का चूर्ण रात को सोते समय एक चम्मच थोडे से गुनगुने पानी के साथ रोगी को प्रयोग करायें। सात दिन के प्रयोग में उपरोक्त रोगों से छुटकारा मिल जाएगा।

Read More.


Go Back