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मेहंदी की पत्तियों से रोगों का इलाज

मेंहदी का एक और खूबसूरत नाम है-हिना। इसके झाडीदार पौधे मैदानी इलाकों में काफी पाये जाते हैं। इसकी हरी-हरी पत्तियां बालिकाओं से लेकर अधेड उम्र की महिलाओं का भी मन मोह लेती है। कोई भी शुभ अवसर हो-कोई भी त्यौहार हो-महिलायें मेंहदी से अपने हाथों को रंगे बिना नहीं रहती। आजकल शादी-विवाह के अवसर पर दुल्हनों के हाथों पर मेहंदी रचाने का प्रचलन बहुत बढ गया है मेहंदी वैसे भी अनेक गुणों से भरपूर है। यह औषधि के रुप में भी प्रयोग की जाती है।

शरीर ताप में उपयोगी: जिन लोगों के शरीर का ताप बहुत अधिक बढ जाता है तो ऐसे रोगी को मेहंदी के पत्तों का कप चौथाई रस निकाल कर उसमें मिश्री घोलकर सुबह-शाम एक हफ्ते तक सेवन करायें। शरीर में बढी हुई गर्मी अपने आप कम हो जाएगी। रोगी ठीक हो जाएगा।

सिरदर्द से छुटकारा: जिन लोगों के सिर में गर्मी के कारण दर्द बना रहता है-ऐसे रोगी के सिर में हिना के पत्तों को पीसकर लेप कर दें। एक घंटे बाद सिर धो दें। केवल तीन दिन इस विधि का प्रयोग करें। सिर दर्द से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।

बाल कमजोर और सफेद होने में लाभकारी: जिन लोगों के बाल कमजोर होकर झडने लगे हैं या फिर कम उम्र में ही सफेद पड गए हैं-ऐसे लोग (महिला-पुरुष) मेहंदी की पत्तियों में आंवले का चूर्ण मिलाकर पीस लें। उसके बाद उस लेप को बालों पर लगाएं। दो घंटे बाद सिर धोकर उसमें सिर सूखने पर नारियल के तेल का प्रयोग करें। एक माह तक इस विधि का उपयोग करें। बाल टूटने बन्द हो जाएंगे। तथा सफेद बाल रेशमी, मुलायम व काले हो जाएंगे।

कफनाशक है-मेहंदी: मेहंदी की पत्तियों का रस कफनाशक होता है। एक चम्मच मेहंदी के रस में एक चम्मच शहद मिलाकर प्रतिदिन सुबह शाम रोगी को सेवन करायें। सात दिन में ही कफ को साफ कर देगी।

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