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धनिया से रोगों का उपचार

धनिया, आम मसाले के रुप में प्रयोग आने वाला एक मसाला है, जो सब्जी बनाने में हर घर में प्रयोग किया जाता है। धनिया तासीर में ठण्डा होता है। ये भी रोगों को दूर करने में औषधि का काम करता है।

सिर दर्द: जिन लोगों के पूरे सिर या आधे सिर में दर्द हो, उनको 20 ग्राम सूखे धनिए को पानी में पीसकर उसमें 10 ग्राम कूंजा मिश्री मिलाकर प्रतिदिन सुबह-शाम एक हफ्ते तक सेवन करायें। हर प्रकार के सिर दर्द से छुटकारा मिल जाएगा।

गैस रोग: गैस रोग आजकल आम हो गया है। 20 ग्राम सूखे धनिए को आग पर तवा रख कर भून लें। फिर दो गिलास गर्म पानी में उस धनिये को पीसकर मिला दें। रोगी को वही पानी दिन में चार बार सेवन करायें। प्रन्द्रह दिनों के सेवन से ही गैस रोग से छुटकारा मिल जाएगा।

पाचन-शक्ति: जिन लोगों की पाचन-शक्ति कमजोर हो गई –उनको धनिए का काढा बनाकर पिलायें। 50 ग्राम धनिया, 10 ग्राम काली मिर्च, 20 ग्राम सूखा आंवला, 25 ग्राम मिश्री को, 500 ग्राम पानी में कूट कर मिला दें और फिर उसे आग पर पकायें। पानी जब पककर आधा रह जाए तो उसे छान लें। फिर उस पानी को दो-दो चम्मच करके सुबह-शाम भोजन करने के बाद रोगी को सेवन करायें। 20 दिन के सेवन से ही पाचन शक्ति बढ जाएगी

शारीरिक शिथिलता: शरीर में खून की कमी के कारण शिथिलता आ जाती है-ऐसे में 10 ग्राम सूखा धनिया, 2 छोटी इलायची के दाने, पांच काली मिर्च को देसी घी में भून लें। उसके बाद उसे कूट पीसकर उसमें दो चम्मच मिश्री तथा चार चम्मच देसी घी मिलाकर प्रतिदिन रोगी को सेवन करायें। 40 दिन के सेवन से ही उसके शरीर की शिथिलता दूर हो जाएगी। नई ताकत आएगी और नया खून बनने लगेगा।

खांसी एवं दमा रोग: खांसी और दमा के रोगों में धनिया बहुत लाभकारी है। 10 ग्राम धनिया और 10 ग्राम मिश्री दोनों को पीसकर रोगी को सुबह और शाम एक-एक चम्मच सेवन करायें। दो माह के सेवन में दमा का रोग दूर हो जाता है। खांसी एक हफ्ते में चली जाती है।

उल्टी: जिन लोगों को उल्टी लग जाती है या गर्भवती महिला को उबकाइयां शुरु हो जाती हैं-ऐसे रोगी को हरे धनिये के आधा कप रस में थोडा-सा नमक मिलाकर दो-दो चम्मच सेवन करायें। उल्टियां आनी बन्द हो जाएंगी। तीन दिन के लगातार सेवन से उल्टियों के रोग से ही छुटकारा मिल जाएगा।

खूनी बवासीर: जिन लोगों को खूनी बवासीर का रोग है। उन लोगों के लिये चार चाम्मच सूखा धनिया 250 ग्राम गाय के दूध में दस मिनट तक उबालकर ठण्डा कर लें। फिर उस दूध को छानकर 10 ग्राम मिश्री मिलाकर रोगी को प्रतिदिन रात को सेवन करायें। 40 दिन के सेवन में से ही खूनी बवासीर के रोग से छुटकारा मिल जाएगा

नेत्र रोग: अक्सर नवजात शिशुओं को अथवा एक वर्ष के बच्चो के दांत निकलने के दौरान आंखें दुखने लगती है। ऐसे बच्चे की आंखों के लिए थोडा-सा साबुत धनिया साफ करके एक सफेद मुलायम कपडे में बान्ध लें। उस् पोटली को ठण्डे पानी में 15 मिनट तक भीगने दें। उसके बाद उस पोटली को पानी से निकालकर बच्चे की आंखों पर पांच मिनट तक रखें या फिरायें। दिन में तीन चार बार यह प्रयोग करें। तीन दिन के प्रयोग से ही दुखती आंखें ठीक हो जायेंगी।

जिन लोगों की आंखों में मोतिया बिन्द उतार आता है। वे लोग 50 ग्राम सूखे धनिए को साफ करके कूटपीस कर 200 ग्राम पानी में डालकर उबालें। 15 मिनट उबालने के बाद उसे नीचे उतारकर साफ कपडे में छान लें। फिर उस पानी की दो-दो बून्दे प्रतिदिन तीन बार आंखों में डाले। 40 दिन के प्रयोग से ही मोतिया बिन्द साफ हो जाएगा।

जिन लोगों की नजर कमजोर हो जाती है-उनके द्वारा हरे धनिए में आंवले को पीसकर सुबह-शाम सेवन करने से 40 दिन के अन्दर ही नजर तेज हो जाती है। आंखों की रोशनी बढ जाती है।

छींकों के रोग: जिन लोगों को बहुत अधिक छींके आती हो-उन लोगों को हरे धनियों की पत्तियों को मसलकर सुंघा देने से ही छींकों का आना बन्द हो जाएगा।

बुखार: बुखार कैसा भी हो और कितना भी तेज हो सूखे धनिये की एक चम्मच मींगी को ताजे पानी के साथ रोगी को सेवन करा दें। बुखार कम होता चला जाएगा। दिन में तीन चार बार सेवन कराने से बुखार उतर भी जाता है।

मलेरिया बुखार से सूखे धनिए और सोंठ को बराबर भाग में कूटपीस कर छान लें। फिर रोगी को एक छोटा चम्मच चूर्ण ताजा पानी के साथ दिन में तीन बार तीन दिन तक सेवन करायें। मलैर्या बुखार दूर हो जाएगा।

पेट दर्द: पेट दर्द अत्यधिक कष्टदायक हो सकता है। पेट दर्द दूर करने के लिए सूखे धनिये और सौंठ को बराबर मात्रा में 100 ग्राम पानी में डालकर उबालें। पानी जब आधा रह जाए तो नीचे उतार कर छान लें। उसमें थोडा सा काला नमक मिलाकर रोगी को पिला दें। पेट दर्द दूर हो जाएगा।

चेचक के रोग: चेचक के रोग में व्यक्ति के शरीर की गर्मी बढ जाती है। उस गर्मी को शांत करने के लिए मिट्टी के बर्तन में थोडा-सा सूखा धनिया और जीरा मिलाकर पानी में भिंगो दें। सुबह उठकर उस पानी को छान लें। फिर उसमें थोडी-सी मिश्री मिलाकर रोगी को पिला दें। गर्मी शांत हो जाएगी। इसी प्रकार सुबह-शाम पिलायें। तीन दिन तक सेवन करें।

मुंह के छाले: जिन लोगों के मुंह के छाले हो जाते हैं। वे धनिये को बारीक पीसकर उसमें थोडा-सा खाने वाला सोडा मिला लें और फिर उस पाउडर को छालों पर बुरक दें। सुबह शाम इस विधि का प्रयोग करें। तीन दिन में ही छाले खत्म हो जाएंगे।

नकसीर एवं दिल की घबराहट: जिन लोगों, की नाक से गर्मी के कारण खून बहने लगता है या फिर गर्मी के कारण ही जिन लोगों का दिल घबराता है। धडकनें तेज हो जाती है। उनके लिए 20 ग्राम सूखा धनिया, 20 किशमिश, 40 ग्राम मिश्री मिलाकर एक गिलास पानी में रात को भिंगो कर रख दें। सुबह उठकर उसको अच्छी तरह पीसकर उसी पानी में घोलकर छान लें। इस रस का सेवन रोगी को पन्दह दिन तक लगातार करायें। नकसीर का रोग ठीक हो जाएगा। दिल की घबराहट दूर हो जाएगी।

विशेष: ऐसे रोगियॉं को गर्म चीजों का सेवन का सेवन नहीं करना चाहिए।

गंजापन: जिन लोगों के सिर के बाल झडने सिर गंजा हो गया है-ऐसे व्यक्ति सिर पर हरे धनिये का रस निकाल कर प्रतिदिन सुबह-शाम मालिश करायें। एक माह के प्रयोग से ही सिर पर बाल आने शुरु हो जाएंगे।

भूख न लगना: जिन लोगों को भूख नहीं लगती ऐसे व्यक्तियों को हरे धनिए की चटनी का अधिक से अधिक सेवन करना चाहिए। हरे धनिये के रस का भी सुबह शाम सेवन करें। भूख लगने लगेगी।

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