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काली मिर्च से रोगोपचार

काली मिर्च भी मसालों का एक महत्त्वपूर्ण व उपयोगी अंग है। इसके बिना गरम मसाला नहीं बनता। काली मिर्च की खेती केरल, पांडेचेरी तथा तमिलनाडु क्षेत्रों में की जाती है। काली मिर्च की आरोही लताएं होती है, जिनके फूल लम्बी मंजरियो पर छोटे-छोटे गोल फल पैदा होते हैं, जो सूखकर काली मिर्च बन जाते हैं। कुछ लताओं पर सफेद काली मिर्च भी लगती है, जो सफेद दक्खिनी काली मिर्च कहलाती है। इन दोनों को औषधि रुप में भे प्रयोग किया जाता है।

गैस व पेट दर्द: जिन व्यक्तियों के पेट में दर्द रहता है ऐसे रोगियों के लिए 20 ग्राम, काली मिर्च 30 ग्राम, सौंठ 20 ग्राम अजवायन, 5 ग्राम हीरा हींग तथा 20 ग्राम, काला नमक इन सब चीजों को कूटपीस कर चूर्ण बनाकर रख लें। उस चूर्ण में 5 ग्राम टाटरी पीस कर मिला दें। फिर पेट दर्द के रोगी को प्रतिदिन सुबह-शाम एक चम्मच चूर्ण ताजा पानी के साथ द्स दिन तक सेवन करायें। पेट दर्द खत्म हो जाएगा।

गैस के रोगी को गर्म पानी के साथ सेवन करायें। पेट को गैस से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।

सूखी खांसी: जिन लोगों को सूखी खांसी हो जाती है ऐसी खांसी में कफ नहीं निकलता। आधा चम्मच पिसी हुई काली मिर्च, एक चम्मच पिसी हुई सौंठ में एक चम्मच शहद मिलाकर प्रतिदिन तीन बार सेवन करने से दस दिन में ही खांसी दूर हो जाती है।

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