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लौंग (Cloves) से रोगों का उपचार

लौंग भी गरम मसाले का एक उपयोगी व महत्वपूर्ण अंग है। महाकवि कालीदास ने भी अपने काव्य में लंवग पुष्पों का गुणगान किया है। लौंग के वृक्ष मध्यम आकार के हरियाली लिए होते है। इस वृक्ष पर वर्षा काल के बाद हल्के छोटे बैंगनी रंग के फूलों की मंजरियां दिखाई देने लगती है। इसके फल सर्दी के मौसम में पक जाते हैं और उन्हीं फलों से लौंग निकलती है। लौंग की पैदावार अधिकतर दक्षिण भारत के कुछ द्वीप-समूहों, नील गिरी एवं जंजिवार में होती है। वैसे यह सुमात्रा, मलाया तथा जवा आदि देशों में पायी जाती है। इसकी तासीर गर्म होती है तथा यह स्वास्थ्य के लिए अतिगुणकारी होती है।

मियादी बुखार व अन्य बुखार होने पर: लौंग मियादी बुखार (टाइफाइड बुखार) में अत्यंत उपयोगी रहती है। टाइफाइड के रोग में 11 लौंग ढाई लीटर पानी में डालकर उबाल लें और फिर पानी को ठण्डा करके रख लें। प्यास लगने पर रोगी को लौंग का ही पानी पीने के लिए दें। कुछ ही दिनों में इससे बुखार भी टूटने लगता है।

सर्दी के बुखार में रोगी को दो लौंग पीसकर एक गिलास गर्मपानी में मिलाकर दिन में तीन बार सेवन कराने से तीन दिन में ही बुखार टूट जाएगा।

दांत दर्द: जिन लोगों के दांतों में दर्द होता है अथवा कीडा लग जाता है, बादी से मसूडे फूल जाते हैं-ऐसे रोगी दांतों में लौंग का तेल लगाएं अथवा लौंग के पानी से दिन में तीन चार बार कुल्ला करें या फिर लौंग के दाढ के नीचे दबा लें। कुछ ही देर में दर्द बन्द हो जाएगा। एक माह के लगातार प्रयोग से दांतों के रोगों से मुक्ति मिल जाती है।

हैजा: हैजा होने पर हैजे के रोगी को लौंग का पानी उबाल कर लगातार पिलाते रहने से हैजा ठीक हो जाता है।

सिर दर्द: सिर दर्द होने पर चार लौंग पानी में घिस कर रोगी की दोनों कानपटी पर लेप कर दें। कुछ ही देर में सिर दर्द दूर हो जाएगा

सर्दी लग जाने पर: सर्दी के मौसम में अक्सर छोटे बच्चे सर्दी की लपेट में आ जाते हैं। मां का दूध पीने वाले बच्चे को यदि सर्दी लग जाए तो बच्चे को मां के दूध में साढे तीन लौंग घिसकर पिला देने से सर्दी दूर हो जाती है। बडों को पांच लौंग तवे पर भून पीस कर और एक चम्मच शहद में मिलाकर चटा दें। सर्दी का असर खत्म हो जाएगा।

खांसी: खांसी के रोगी को, पांच लौंग तथा 10 ग्राम अनार का छिलका लेकर कूट पीसकर एक चम्मच शहद में मिलाकर दिन में तीन बार सेवन करायें। एक हफ्ते के सेवन से ही खांसी का रोग दूर हो जाएगा।

गैस के रोग: जिन लोगों को गैस की शिकायत है-ऐसे गैस रोग में, पांच लौंग एक कप पानी में डालकर उबाल लें। फिर छानकर ठण्डा कर लें और उसमें काला नमक मिला कर दिन में तीन बार रोगी को सेवन करायें। दस दिन के प्रयोग से ही गैस रोग दूर हो जाएगा

उल्टी: उल्टी आने पर पांच लौंग कूट कर एक कप पानी में खूब उबालें। जब पानी आधा रह जाए तो नीचे उतार कर ठण्डा कर छान लें। फिर उसमें दो चम्मच मिश्री मिलाकर रोगी को दो-तीन बार पिलायें। उल्टी आनी बन्द हो जाएंगी।

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