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छोटी इलायची से रोगों का उपचार

छोटी इलायची का भी गरम मसाले में प्रयोग होता है। यह देखने में छोटी होकर भी गुणों से भरपूर है। इसकी तासीर ठण्डी होती है। यह मन को शांति देती है और शरीर को चुस्त रखती है। इसकी सुगन्ध मनभावन होती है। इसक भी प्रयोग औषधि के रुप में होता है।

गर्भावस्ता: गर्भावस्था में महिलाओं को छोटी इलायची का काढा बनाकर सेवन करायें। इससे बच्चा भी सुरक्षित रहता है और प्रसव के दौरान बच्चे की जन्म देने में महिला को अधिक कष्ट सहन नहीं करना पडाता।

मूत्र रूकने पर: जब किसी व्यक्ति को मूत्र रुक-रुककर आता हो और मोत्र के सम्य दर्द व जलन होती हो-ऐसे रोगी के लिए दो छोटी इलायची दूध में डालकर उबालें। फिर उसे ठण्डा करके एक चम्मच मिश्री मिलाकर पिला दें। तीन दिन के सेवन से ही मूत्र की जलन खत्म हो जाएगी। दर्द दूर हो जाएगा तथा मूत्र खुलकर आएगा

हर प्रकार के दर्द के लिए: दर्द कैसा भी हो, सिर दर्द, बदन दर्द, पेट दर्द, जोडों का दर्द- पांच छोटी इलायची को कूट कर 250 ग्राम पानी में डालकर उबाल लें। काफी देर उबालने के बाद उस पानी को हल्का गुनगुना कर रोगी को पिलायें। दो तीन बार के सेवन से ही दर्द में आराम आ जाएगा। अधिक दिनों तक प्रयोग करने से दर्द पूर्ण रुप से दूर हो जाता है।

आधा सीसी के दर्द: जिन लोगों के सिर में आधा सीसी का दर्द होता है-वे लोग इलायची को पीसकर सिर पर उसका लेप कर दें। दिन में दो बार लेप करें। तीन दिन के लेप से ही आधा सीसी का दर्द खत्म हो जाएगा।

पथरी: पथरी के रोग में छोटी इलायची का सेवन बहुत लाभकारी होता है। ऐसे रोगी को एक छोटी इलायची हर समय मुंह में रखकर चबाते रहना चाहिए। 40 दिन के अन्दर ही पथरी गलकर मूत्र के रास्ते शरीर से बाहर हो जाएगी और रोगी को पथरी के रोग से मुक्ति मिल जाएगी।

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