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जायफल एवं जावित्री से कई रोगों का निवारण करें

जायफल एवं जावित्री, एक ही वृक्ष की देन है। दोनों ही चीजों का प्रयोग गरम मसाले में किया जाता है। जायफल का वृक्ष बहुशाखीय होता है। इसके फूल छोटे व पीले रंग के होते हैं। फल के फटने पर बीज बाहर निकलता है, जिस पर लाल रंग का जालीदार, बीजोपांग आवरण होता है जिसे जावित्री कहते हैं। जावित्री को अलग करने पर गुठलीनुमा बीज ही जायफल कहलाता है। यह वृक्ष मूल रुप से सिंगापुर ओर मलाया देशोरं से भारत के नीलगिरी क्षेत्र में पहुंचा है। यही पर इसकी खेती की जाती है। अप्रैल माह में इसके फूल खिलते हैं। जायफल और जावित्री दोनों का ही तासीर गर्म होती है। इन दोनों चीजों का प्रयोग औषधि रुप में भी किया जाता है।

प्रसव बाद के कटिशूल एवं सिर दर्द होने पर: प्रसव के बाद महिलाओं को अक्सर सिरदर्द तथा कमर दर्द शुरु हो जाता है, ऐसी महिलाओं को पानी में जायफल घिसकर शहद के साथ प्रतिदिन सुबह-शाम एक-एक चम्मच सेवन करायें। एक माह के सेवन से कमर दर्द तथा सिर दर्द दोनों ही दूर हो जाते हैं और महिलाओं को प्रसव के बाद का कष्ट नहीं झेलना पडता है।

पुराने जोडों के दर्द: जिन लोगों के जोडों का दर्द पुराना हो चुका है-ऐसे रोगी को जोडों पर सुबह-शाम 40 दिन जावित्री के तेल की मालिश करने से ही दर्द खत्म हो जाता है।

गैस रोग एवं पाचन शक्ति के लिए: जिन लोगों की शक्ति कमजोर होती है और गैस की शिकायत रहती है-ऐसे रोगी को, जायफल नींबू के रस में घिसकर चटाने से कुछ ही दिनों में गैस दूर हो जाती है और पाचन शक्ति बढ जाती है। भूख भी खुल जाती है।

छोटे बच्चों के दस्त होने पर: मां का दूध पीने वाले शिशुओं को अक्सर सर्दी से दस्त लग जाते हैं। ऐसे शिशुओं को मां के दूध में जायफल घिसकर चटाने से दस्त बन्द हो जाते हैं।

खांसी और दमा रोगी के लिए: खांसी व दमा के रोगियों को पानी में जायफल घिस कर शहद के साथ प्रतिदिन तीन बार एक-एक चम्मच सेवन करना चाहिए। 40 दिन के सेवन से दमा का रोग चला जाएगा। तीन दिन के सेवन से खांसी दूर हो जाती है

बवासीर: बवासीर के रोग में 5 जायफल को देसी घी में तलकर लाल कर लें। फिर उसे कूटपीस कर छान लें। उस चूर्ण को एक सूजी में मिलाकर दो कप पानी डाल कर आग पर पकायें। जब खूब पक जाए तो उसमें थोडी सी मिश्री अपने स्वाद अनुसार उस हल्वे में मिलाकर प्रतिदिन एक चम्मच शहद और एक चम्मच शाम को रोगी को सेवन करायें। 40 दिन के सेवन से ही बवासीर का रोग दूर हो जाता है

सर्दी के बुखार: मां का दूध पीने वाले बच्चों को सर्दी लग जाने से अक्सर बुखार हो जाता है। ऐसे शिशुओं को मां के दूध में जायफल गिस कर दिन में दो तीन बार चटाने से बुखार दूर हो जाता है।

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