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मेथी से रोगों का उपचार

मेथी के गणना भी मसालों में की जाती है। मेथी के दाने पीले रंग के होते हैं, जो बहुत गुणकारी होते हैं। मेत्री का भी प्रयोग औषधि रुप में किया जाता है।

शूगर रोग: 100 ग्राम मेथी के दानों को कूट पीसकर इसका चूर्ण बना लें। इसमें थोडा-सा काला नमक पीसकर मिला लें। शूगर रोगी को सुबह-शाम एक-एक चम्मच चूर्ण ताजा पानी के साथ 40 दिन तक सेवन करायें। शूगर रोग से मुक्ति मिल जाएगी।

गठिया रोग: पांच चम्मच मेथी के दाने रात को एक गिलास पानी में भिगों दें। सुबह उठकर उसको छान कर पानी को थोडा-सा गर्म करके गठिया के रोगी को पिला दें। ऐसे ही पानी का एक माह तक सेवन करायें। गठिया रोग खत्म हो जाएगा।

खूनी बवासीर: खूनी बवासीर के रोगी के लिए पांच चम्मच मेथी के दानों को कूट कर एक गिलास पानी में उबालें। जब वह काढा बन जाए तो उसमें एक गिलास दूध डालकर फिर उबालें। जब वह खूब अच्छी तरह पककर आधा रह जाए तो उसे नीचे उतार कर उसमें एक चम्मच मिश्री डालकर ठण्डा कर लें। उस पानी का सेवन करायें। 30 दिन के सेवन  खूनी बवासीर खत्म हो जाती है।

मासिक-धर्म: जिन महिलाओं को मासिक धर्म ठीक समय पर नहीं आता-ऐसी महिलाओं के लिए, पांच चम्मच मेथी दानों को कूट कर एक गिलास पानी में उबाले।

पन्द्रह मिनट बाद उतार कर उसे ठण्डा करके छान लें और उस पानी का प्रतिदिन पूरे महीने सेवन करें। मासिक धर्म समय पर आने लगेगा तथा अन्य रोगों में भी लाभ पहुंचेगा।

खून विकार: मेथी के दानों का एक चम्मच चूर्ण प्रतिदिन ताजा पानी के साथ सेवन करने से खून साफ होकर उसके विकार दूर हो जाते हैं। ऐसे लोगों को चर्म रोग नहीं होता।

बदहजमी: जिन लोगों की पाचन क्रिया ठीक नहीं रहती-उनकी भूख खत्म हो जाती है। ऐसे रोगी

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