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सौंफ (Dillseed) से रोगो का उपचार

सौंफ की खेती भारत के सभी प्रांतों में होती है। यह अति गुणकारी है। इसकी तासीर ठण्डी होती है। यह भी मसालों का एक अंग है। इसे भी औषधि के रुप में प्रयोग किया जाता है।

गर्भपात होने पर: जिन महिलाओं को अक्सर गर्भपात हो जाता है, ऐसी महिलाओं के लिए 50 ग्राम सौंफ को 50 ग्राम गुलकन्द के साथ पीसकर उसमें एक कप पानी मिला कर हर रोज उस महिला को सेवन कराने से गर्भपात नहीं होता। उन दिनों उस महिला को गर्म चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए और न कोई भारी वजन ही उठाना चाहिए।

संतान के लिए: गर्भवती महिलाओं को प्रतिदिन 20 ग्राम सौंफ और 10 ग्राम मिश्री का सेवन सुबह तथा इतनी ही मात्रा में शाम को सेवन करते रहने से बच्चा सुन्दर व निरोगी पैदा होता है।

मुंह के छाले होने पर: जिन लोगों के मुंह में अक्सर छाले होते रहते हैं- उन लोगों को प्रतिदिन सुबह-शाम भोजन करने के पश्चात 20 ग्राम मीठी सौंफ का सेवन हमेशा करते रहना चाहिए। मुंह के छाले ठीक हो जाएंगे और फिर कभी नहीं होंगे।

सौंफ खाने से पेट का फूलना भी बन हो जाता है।

पेचिश और मरोड: पेचिश और मरोड में 5 ग्राम कच्ची सौंफ और 5 ग्राम भुनी सौंफ दोनो को मिलाकर खाने से 15 दिन के सेवन से पेचिश और मरोड ठीक हो जाती है। दस्तों में भी लाभ मिलता है।

बच्चों के दांत निकलने पर: बच्चों के दांत निकलने में बच्चों को बहुत कष्ट होता है। दस्त लग जाते हैं। बच्चा कमजोर हो जाता है। ऐसे समय में 25 ग्राम सौंफ एक पाव गाय के दूध में डालकर उबाल लें। फिर उसे छान कर उसमें थोडी-सी मिश्री मिलाकर उसी दूध का बच्चे को सेवन करायें। दांत आसानी से निकल आएंगे। बच्चे को कोई कष्ट भी नहीं होगा।

खांसी में: खांसी होने पर 25 ग्राम सौंफ, 20 ग्राम अजवायन को आधा लीटर पानी में डालकर उबाल लें। फिर उसे उतार कर छान लें और उसमें दो चम्मच शहद मिलाकर हर दो घंटे बाद, दो चम्मच पानी रोगी को सेवन कराते रहें। दस दिन में खांसी दूर हो जाएगी

नजला-जुकाम: जिन लोगों को नजला जुकाम की शिकायत रहती है-ऐसे वे 20 ग्राम सौंफ, 5 लौंग आधा लीटर पानी में डालकर उबाल लें और जब पानी आधा रह जाए तो उसे छान कर उसमें खांड मिला लें। उसके बाद दो-दो चम्मच पानी हर घंटे बाद पीते रहें। तीन दिन के सेवन से नजला-जुकाम ठीक हो जाएगा।

आंखों के रोग: आंखों की रोशनी कम होने पर सौंफ को कूटपीस कर छान लें। फिर उसमें पिसी मिश्री मिला कर रात को सोते समय एक चम्मच चूर्ण गाय के दूध के साथ सेवन करायें। 40 दिन के सेवन से ही आंखों की रोशनी बढ जाएगी। नजर तेज हो जाएगी

अधिक नीन्द आने पर: बहुत से लोगों को नींद अधिक आती है। वे बैठे-बैठे भी सो जाते हैं। ऐसे लोग रोगी होते हैं- क्योंकि अधिक सोना भी एक प्रकार से रोग होता है। इस रोग के निवारण हेतु, 50 ग्राम सौंफ आधा लीटर पानी में डालकर उबालें। पानी जब आधा रह जाए तो उसे नीचे उतार कर छान लें। फिर उसमें नमक मिलाकर सुबह शाम दस दिन तक रोगी को सेवन करायें। अधिक नीन्द से छुटकारा मिल जाएगा।

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