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संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार 2015 

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राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा 4 अक्टूबर, 2016 को वर्ष 2015 के लिए संगीत नाटक अकादमी फैलोशिप एवं पुरस्कार प्रदान किये गए. इन्हे अकादमी रत्न और अकादमी पुरस्कार के नाम से भी जाना जाता है.

कला प्रदर्शन क्षेत्र के प्रसिद्द कलाकार सी.वी. चंद्रशेखर को संगीत नाटक अकादमी फैलोशिप (अकादमी रत्न) से सम्मानित किया गया. यह अकादमी द्वारा दिया जाने वाला सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार है 

वर्ष 2015 के लिए संगीत, नृत्य, रंगमंच, पारम्परिक कला/लोक/जनजातीय संगीत/नृत्य/रंगमंच और कठपुतली कला के लिए ४३ लोगो को पुरस्कार हेतु चयनित किया गया. इन 43 कलाकारों में से दो को संयुक्त पुरस्कार दिया गया.

संगीत क्षेत्र में पुरस्कार :- संगीत क्षेत्र में वर्ष 2015 का संगीत कला पुरस्कार निम्न 11 कलाकारों को दिया गया :- हिन्दुस्तानी संगी के लिए कृष्ण विष्ट एवं मशूकर अली खान, हिन्दुस्तानी वाडव यंत्र सितार हेतु कार्तिक कुमार, हिन्दुस्तानी वाद्य यंत्र सरोद हेतु ब्रिज नारायण, कर्नाटक गायन संगीत के लिए आर ें त्यागराजन एवं आर ें थानाथं (संयुक्त पुरस्कार), कर्नाटक गायन संगीत हेतु सुगुण वर्धाकारी, कर्नाटक वाद्य यंत्र वायलिन हेतु लालगुडी जी जे आर कृष्णन, कर्नाटक वाद्य यंत्र नागस्वरम हेतु एम् के इस सिवा, सुगम संगीत के लिए भूपिंदर सिंह, ह्रदयनाथ मंगेशकर एवं प्रफुल्ल कर आदि.

नृत्य के क्षेत्र में पुरस्कार :- निम्न नौ कलाकारों को नृत्य क्षेत्र में 2015 का अकादमी पुरस्कार दिया गया- भरतनाट्यम के लिए रंगनायकी जयरामन, कथकली कल ीे के. कुन्हीरामन, कुचिपुड़ी के लिए जी. पदमजा, ओडिसी के लिए आलोका कानूनगो, सत्तरिया नृत्य हेतु शारोड़ी सैकिया, मोहिनीअट्टम हेतु मंदाकिनी त्रिवेदी, छऊ नृत्य के लिए सदाशिव प्रधान, समकालिक नृत्य हेतु डब्ल्यू लोकेन्द्रजीत सिंह नृत्य कल ीे संगीत हेतु राजकुमार भारती.

रंगमंच के क्षेत्र में पुरस्कार :- निम्न नौ कलाकारों को रंगमंच क्षेत्र में 2015 का अकादमी पुरस्कार दिया गया- पटकथा लेखन हेतु नन्द किशोर आचार्य एवं शफात खान, निर्देशन के लिए परवेज अख्तर एवं मुश्ताक काक, अभिनय हेतु मनोज ें. जोशी एवं हिमानी शिवपुरी, पृष्ठभूमि डिजाइन हेतु प्रदीप मुले, रंगमंच की अन्य विधाओं के लिए सरोजिनी नाँगियार, रंगमंच में ओवरऑल योगदान हेतु रानी बलबीर कौर.

पारम्परिक/लोक/जनजातीय संगीत/नृत्य/रंगमंच और कठपुतली कला के क्षेत्र में :- वर्ष 2015 के अकादमी पुरस्कारों के लिए इस श्रेणी में 10 कलाकारों का चयन किया गया- छत्तीसगढ़ के लोकसंगीत हेतु खुमान लाल साओ, बिहार के लोक रंगमंच हेतु रामचंद्र सिंह, जम्मू एवं कश्मीर के लोक संगीत के लिए खेमराज, केरल की मार्शल आर्टस के लिए इस.आर.दी. प्रसाद, महाराष्ट्र के लोक नृत्य हेतु छाया एवं माया खुटेगावकर (संयुक्त पुरस्कार), मणिपुर के पारम्परिक नृत्य और संगीत हेतु गैंगमे अलूना पंजाब के लोक संगीत हेतु परमजीत सिंह सिद्धू, राजस्थान की कवालियों हेतु सैयद सबरी जयपुरी कठपुतली कल ीे के.के. रामचंद्र पुलावर एवं टी.ें. शंकरनाथं. 

कला प्रदर्शन के लिए समग्र योगदान/छात्रवृति के क्षेत्र में :- शांता खोखले एवं चमन आहूजा. 

अकादमी फैलोशिप 1954 से तथा अकादमी पुरस्कार 1952 से दिए जा रहे हैं. यह पुरस्कार क्षेत्र विशेष में उत्कृष्टता तथा उपलब्धि को प्रदर्शित करता है. अकादमी फैलाशप में 3 लाख तथा अकादमी पुरस्कार में 1 लाख, ताम्रपत्र तथा अंगवस्त्रम दिए जाते हैं.

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