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आर्किटेक्चर से बनाएं कैरियर की इमारत 

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देश के सबसे महत्वपूर्ण भवन भारतीय संसद को ब्रिटिश आर्किटेक्ट सर एडविन लुटयंस और सर हर्बर्ट बेकार ने डिजाइन किया था. चंडीगढ़ शहर का आर्किटेक्चर फ्रांसीसी आर्किटेक्ट ला कार्बूजिए ने तैयार किया था. ला कार्बूजिए वही आर्किटेक्ट हैं, यूनेस्को ने जिनके डिजाइन किये गए 17 शहरों को विश्व विरासत की सूची में शामिल किया है. साबरमती का गांधी मेमोरियल, भोपाल का भारत भवन और विधानसभा भवन, जयपुर का जवाहर कला केंद्र, दिल्ली का ब्रिटिश काउंसिल का डिजाइन भारत के आर्किटेक्ट चार्ल्स कोरिया ने बनाया था, जिनकी प्रसिद्धि वैश्विक स्तर पर है. चंडीगढ़ के ही मशहूर रॉकगार्डन की बात करें, तो इसे आर्किटेक्ट नेक चाँद सैनी की रचनात्मकता की मिसाल के तौर पर देखा जाता है. प्रसिद्द स्थलों के साथ जुड़े इन सभी नामों के जिक्र से पता चलता है की एक आर्किटेक्ट के टूर पर वैश्विक स्तर पर पहचान हासिल की जा सकती है.  

आर्किटेक्चर क्या है? What is Architecture?

आर्किटेक्चर या वास्तुकला, भवनों की संरचना, नियोजना और डिजाइन के बारे में एक विशेष अध्ययन है, इसमें रचनात्मक कौशल का प्रयोग कर भवन निर्माण के सम्बन्ध में लोगों की व्यावहारिक अन्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इमारत का डिजाइन तैयार किया जाता है. सामाजिक, तकनीकी और पर्यावरणीय स्थितियों को ध्यान में रखते हुए इमारतों के निर्माण तथा कला विज्ञान का मिला जुला रुप ही असल में आर्किटेक्ट है.

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इन गुणों का होना है जरूरी 

आर्किटेक्चर के क्षेत्र में सफलता के लिए रचनात्मकता, अच्छी गणितीय क्षमता, वर्तमान सामाजिक और पर्यावरण संबंधी मुद्दों के प्रति जागरूकता, अवलोकन की दक्षता, लचीलापन एवं धैर्य, स्केच का हुनर, पेशे से संबंधित जटिल कानूनी भाषा को समझने की क्षमता, नेतृत्व कौशल, सहनशक्ति और प्रयवेक्षी कौशल जैसे गुणों का होना जरूरी है.

ऐसे बढ़ सकते हैं आगे

आप आर्किटेक्ट के तौर पर कैरियर बनाना चाहते हैं, तो 12 वीं के बाद इस और रुख कर सकते हैं. देश के प्रमुख सरकारी एवं प्राइवेट इंस्टीट्यूट में बैचलर ऑफ़ आर्किटेक्चर एवं बैचलर ऑफ़ प्लानिंग कोर्स में प्रवेश के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राष्ट्रीय स्तर पर प्रवेश परिक्षा आयोजित करता है. इस परिक्षा में मैथमेटिक्स, एप्टीट्यूड टेस्ट एवं ड्राइंग टेस्ट होता है. नॅशनल एप्टीट्यूट टेस्ट इन आर्किटेक्चर (नाटा) भी आर्किटेक्चर कोर्स में प्रवेश के लिए एक प्रमुख ऑनलाइन टेस्ट है, जिसमें ड्राइंग टेस्ट भी होता है. नाटा का आयोजन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ एडवांस स्टडीज, काउंसिल ऑफ़ आर्किटेक्चर के साथ मिल कर करती है. नाटा के स्कोर के आधार पर देश के कई मान्यता प्राप्त आर्किटेक्चर इंस्टीयूट में पांच वर्षीय बीआर्क डिग्री कोर्स में एडमिशन मिलता है. 

आईआईटी एवं एनआईटी भी कराते हैं कोर्स

आईआईटी एवं एनआईटी में बीआर्क कोर्स में प्रवेश के लिए मैथमेटिक्स/फिजिक्स/केमिस्ट्री के साथ १२वीं पास अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं. आईआईटी में जेइइ (मेन) + जेइइ (एडवांस) + आर्किटेक्चर एप्टीट्यूड टेस्ट (प्रवेश के समय 60 प्रतिशत वेटेज एंट्रेस परिक्षा एवं 40 प्रतिशत १२वीं के अंकों को दी जाती है) के माध्यम से एडमिशन मिलता है. एनआईटी एवं स्कूल ऑफ़ प्लानिंग एन्ड आर्किटेक्चर (एसपीए) जेइइ (मेन) पेपर II  एवं आर्किटेक्चर एप्टीट्यूड टेस्ट (एएटी) से प्रवेश देते हैं. 

प्रमुख संस्थान है

स्कूल ऑफ़ आर्किटेक्चर सीइपीटी, अहमदाबाद. स्कूल ऑफ़ प्लानिंग एन्ड आर्किटेक्चर, नई दिल्ली. इंडियन एजुकेशन सोसायटी कॉलेज ऑफ़ आर्किटेक्चर, मुंबई. सर जेजे कॉलेज ऑफ़ आर्किटेक्चर, मुंबई. मराठवाड़ा मित्र मंडल कॉलेज ऑफ़ आर्किटेक्चर, पुणे. जवाहरलाल नेहरू टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी, स्कूल ऑफ़ प्लानिंग एन्ड आर्किटेक्चर, हैदराबाद. सेंटर फॉर एन्वायर्नमेंटल प्लानिंग एन्ड टेक्नोलॉजी, अहमदाबाद. आईआईटी खड़गपुर. चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ़ आर्किटेक्चर, चंडीगढ़.

किधर है कैरियर इसमें

बतौर आर्किटेक्ट काम करने के बहुत से विकल्प है. आप आर्किटेक्चर फर्म, कंस्ट्रक्शन कम्पनी, प्राइवेट बिल्डर के साथ या स्वतन्त्र रूप से सलाहकार के तौर पर काम कर सकते हैं. सरकारी संगठन, हाउसिंग बोर्ड, लोक निर्माण विभाग, पुरातत्व विभाग, रेलवे के विभाग, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, राष्ट्रीय भवन संगठन, आवास और शहरी विकास निगम आदि मेन एक प्रतिष्ठित नौकरी हासिल कर सकते है. आर्किटेक्चर की पढ़ाई के बाद आपके पास आर्किटेक्ट, अर्बन डिजाइनर लैंडस्केप आर्किटेक्ट, इंटीरियर आर्किटेक्ट, अर्बन प्लानर, प्रोजेक्ट मैनेजर, हाउसिंग कंसलटेंट , आर्किटेक्चर टीचर के तौर पर कैरियर आगे बढ़ाने का मौक़ा होगा. 

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