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रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में तीन लाख से अधिक जॉब्स 

Feed by Manisha Cat- Education

भारत दुनिया का सबसे बड़ा युवा आबादी वाला देश है. हर साल कार्यबल में दाखिल हो रहे करोडो युवाओं के लिए रोजगार पैदा करने की बड़ी चुनौती उभार लेती अर्थव्यवस्था और सकरार दोनों के सामने हैं. पर्यावरण की सुंदरता को बरकार रखने और ऊर्जा आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए स्वेच्छा ऊर्जा आज के दौर की सबसे बड़ी मांग है वर्ष 2022 तक 160 गीगावाट के निर्धारति लक्ष्य को हासिल करने के लिए बड़ी संख्या में कुशल कर्मियों की आवश्यकता होगी इस क्षेत्र के विकास से समावेशी अर्थव्यवस्था को गति तो मिलेगी ही, साथ ही बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे. निकर भविष्य के इस बेहतर कैरियर के लिए कैसी होगी आपकी तैयारी क्या और कहाँ से करनी होगी तैयारी, तमाम जिज्ञासाओं का हल तलाश हुआ ख़त्म आइये जाने: -

More than three lakh jobs in the field of renewable energy

More than three lakh jobs in the field of renewable energy

India is the world's largest young population. Every year the billions of people entering the workforce are facing big challenge for creating jobs for the youth, both of the economy and the society. Voluntary energy to maintain the beauty of the environment and ensure energy supply is the biggest demand of today's era. To achieve the assessment target of 160 gigawatts by 2022, a large number of skilled personnel will be required to develop this area. Inclusive economy will get momentum, as well as large number of employment opportunities will also be created. How will you prepare for this better career of the future? What will be your preparation and preparation, preparation of solutions to all the curiosity?

आज के दस वर्ष पहले रिन्यूएबल एनर्जी यानी अक्षय ऊर्जा को वैकल्पिक ऊर्जा के रूप में देखा जाता था. लेकिन आज रिन्यूएबल एनर्जी ऊर्जा आपूर्ति का महत्वपूर्ण जरिया बन चुकी है. यह क्षेत्र काफी बड़ा हो चुका हिअ और लगातार तेजी से विस्तृत हो रहा है. अकेले सोलर एनर्जी ऊर्जा इंडस्ट्री का आकार 100 बिलियन डॉलर का हो चुका है. जैव ईंधनों के सिमटते संसाधान और प्रदूषण की तमाम चुनौतियों के बीच अक्षय ऊर्जा एक मात्र उम्मीद की किरण है. इनोवेशन और प्रैक्टिकल इंजीनियरिंग के साथ यह क्षेत्र बड़े व्यवसाय का रूप ले रहा है. पर्यावरण की स्वच्छता को बरकरार रखने के साथ बड़ी आबादी की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में सक्षम या इंडस्ट्री अगले पांच वर्षो में तीन लाख नौकरियां पैदा करेगी. काउंसिल ऑन एनर्जी, एन्वायर्नमेंट एन्ड वाटर और नेचुरल रिसोर्सेज डिफेन्स काउंसिल का सयुंक्त अध्ययन इस बात की पुष्टि करता है. अध्यन के अनुसार अगले पांच वर्षो में पवन ऊर्जा में 34600 जमीन पर स्थापित सौर ऊर्जा के क्षेत्र में 58600 और रूटोप सोलर में 238000 नौकरियां आएंगी.

इस क्षेत्र में जॉब और एंटरप्रेन्योरशिप की आपार क्षमता 

रिन्यूएबल एनर्जी इंडस्ट्री का जैसे जैसे विकास होगा, मेंटीनेंस, शिदपुलिंग, फोरकास्टिंग, इंस्टॉलेशन आदि कार्यों के लिए जॉब के मौके लगातार बढ़ाते ही जाएंगे. रूफटॉप न केवल बड़ी संख्यां में नौकरियां मुहैया करा रहा है, बल्कि इस क्षेत्र में इंटरप्रेन्योरशिप के भी मौके बढ़ रहे हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक़ सोलर मॉड्यूल मैन्यूफैक्चरिंग में 2900 लोग कार्यरत है. यदि घरेलू स्टार पर मौजूदा मांग को पूरा किया जाए, तो कम से कम 45000 लोगों को जॉब मिल सकती है. 

कैसे शुरू करें कैरियर 

देश में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए ब्यापक स्टार पर साइंटिफिक और टेक्नीकल मैनपावर की जरुरत है. इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी साइंसेज और हॉर्मोनेटीज आदि स्ट्रीम से आनेवाले छात्रों के लिए एनर्जी कंजर्वेशन व् रिन्यूएबल एनर्जी यूटिलाइजेशन में मौके के साथ सोशल एंटरप्रेन्योरशिप और एनर्जी मैनेजमेंट के क्षेत्र में स्किल्ड प्रोफेशनल्स तैयार करने के उद्देश्य से देशभर के विभिन्न आईटीआई और पॉलिटेक्निक में डिप्लोमा और सार्टिफिकेट स्टार के कोर्स संचालित किये जा रहे हैं. उच्च शिक्षा के स्टार पर कई विश्वविद्यालय और तकनीकी संस्थान ग्रेजुएशन और पोस्टग्रेजुएशन स्टार पर कोर्स उपलब्ध कराते हैं. 

फिलहाल, सोलर मॉड्यूल के लिए हम चीन, ताइवान और मलयेशिया आदि देशों पर निर्भर है. इस सेक्टर में कुशल लोगों की कमी को पूरा करने के लिए नवीन एवं अक्षय ऊर्जा मंत्रालय ने स्किल काउंसिल का गठन किया है. जलवायु परिवर्तन का मुद्दा विज्ञान एवं तकनीकी, इंडस्ट्री और अंतर्राष्ट्रीय संबंधो के स्टार पर अहम् स्थान बना चुका है, ऐसे में अक्षय ऊर्जा, ऊर्जा संरक्षण और ऊर्जा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों का तेजी से उभार हुआ है, इन क्षेत्रों में प्रोफेशनल्स के लिए लगातार संभावनाएं बढ़ रही है.

पीजी स्टार पर प्रमुख कोर्स और संस्थान 

  • एमएससी (रिन्यूएबलेनारजी), भौतिकी विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ (www.lkauniv.ac.in)
  • एमटेक (एनर्जी स्टडीज), एमटेक (एनर्जी एन्ड एनर्जी एन्वायर्नमेंट मैनेजमेंट, आईआईटी दिल्ली (www.iitd.ac.in)
  • एमटेक (एनर्जी साइंस एन्ड इंजीनियरिंग), आईआईटी बॉम्बे, (www.iitb.ac.in)
  • एमटेक (एनर्जी टेक्नोलॉजी एन्ड इनवायर्नमेंट मैनेजमेंट), स्कूल और एनर्जी एन्ड इनवायर्नमेंट मैनेजमेंट, राजीव गांधी प्रोधोगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल (www.rgtu.net)
  • एमटेक (रिन्यूएबल एनर्जी इंजीनियरिंग एन्ड मैनेजमेंट) और पीजी डिप्लोमा (रिन्यूएबल एनर्जी), टेरी यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली (www.teriuniversity.ac.in)
  • एमटेक (एनर्जी मैनेजमेंट) और पीजी डिप्लोमा (रिन्यूएबल एनर्जी), इलाहाबाद एग्रीकल्चरल इंस्टीट्यूट (डीम्ड यूनिवर्सिटी), इलाहाबाद (www.aaidu.org)

इसके अलावा कुछ संस्थान शार्ट टर्म कोर्स उपलब्ध कराते हैं. 

  • नेशनल प्रोडक्टिविटी काउंसिल, नई दिल्ली (www.npcindia.org)
  • नॅशनल पेट्रोलियम रिसर्च एसोसिएशन, नई दिल्ली  (www.pcra.org)
  • रिन्यूएबल एनर्जी सेंटर मित्राधाम, चुनान्गमावेळी, एलुवा (www.mithradham.org)
  • नवीन एवं अक्षय ऊर्जा मंत्रालय के अधीन स्टेट नोडल एजेंसी जैसे -एनडीए, एमईडीए, जीईडीए आदि. 

किन किन क्षेत्रों में है जॉब के मौके 

पर्यावरण, प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग की बढ़ती चुनौतियों के बीच वैश्विक स्टार पर अब स्वच्छ विकास तंत्र के महत्त्व को अभूतपूर्व तरीके से समझा जा रहा है. सोलर थर्मल, सोलर फोटोवेल्टिक, विंड, बायोमॉस और बायोमैक्स और हाइड्रो और विभिन्न ऊर्जा संरक्षण से जुडी तकनीकी में बेहतर कैरियर तलाशा जा सकता है.  

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