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5 अमेजिंग कैरियर विकल्प साइंस ग्रेजुएट के लिए।

Feed by Manisha Cat- Education

बेहतर भविष्य के लिहाज से विज्ञान विषय कैरियर का ठोस आधार है. विज्ञान विषयों में स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद छात्रों के सामने कैरियर के जितने विकल्प होते है. शायद ही किसी स्ट्रीम में हों। अमूमन, साइंस ग्रेजुएट युवाओं की बड़ी तादाद ग्रेजुएशन में अपने चुने विषय में ही उच्च शिक्षा का रुख करती है, लेकिन बदलते जमाने के साथ ऐसे भरपूर मौके आये है, जहां एक साइंस ग्रेजुएट नए दौर के कैरियर में ऊंचाइयां छू सकता है. साइंस ग्रेजुएट युवाओं के लिए कैरियर के ऑफबीट विकल्पों के साथ प्रस्तुत है इस आर्टिकल्स में। 

आज के दौर में जरूरी नहीं है की विज्ञान विषयों के छात्र मेडिकल या इंजीनियरिंग में से किसी एक कैरियर को चुनने के लिए बाध्य हों. नयी नयी तकनीकों के ईजाद और बिजनेस के क्षेत्र में बढ़ रहे मौकों ने विज्ञान स्नातक छात्रों के लिए करियर के तमाम विकल्प खोल दिए है। आज विज्ञान स्नातक युवा तमाम क्षेत्रों में कैरियर की तलाश कर सकता है, चाहे वह इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, सॉफ्टवेयर व् हार्डवेयर का क्षेत्र हो या फिर बायोटेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, फार्मास्युटिकल्स अदि का क्षेत्र हो। कामकाजी दुनिया अभूतपूर्व तरीके से बदल रही है। डिजिटल मोर्चे पर हो रही प्रगति तक स्किल से साढ़े युवाओं के लिए सम्भावनाओं की नयी राह बना रही है। टेक्नोलॉजी हर हफ्ते हर महीने बदल रही है या कहें नए अपडेट के आने जाने का सिलसिला सा चल रहा है। ऐसे में टेक टूल्स पर पकड़ बना कर तरक्की की सीढ़ियां तेजी से चढ़ाना किसी युवा प्रोफेशनल के लिए पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है. 

रूचि और संभावनाओं के आधार पर चुने कैरियर 

विज्ञान विषयों में कैरियर चुनते समय एप्टीट्यूड, इंटरेस्ट और कैरियर के स्कोप का बारीकी से पड़ताल जरूरी है। मसलन, किसी अन्य की सलाह पर कैरियर चुन लेने के बाद आगे चल कर अरुचि पैदा होने लगती है। इसमें शक नहीं की कैरियर की बेहतर संभावनाओं के कारण ही बड़ी संख्या में छात्र इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, डिजाइन, कम्प्युटर एप्लीकेशन जैसे विषयों को उच्च शिखा के लिए चुनते है। लेकिन, यदि आप इनसे इतर कुछ करना चाहते है, तो अपनी रूचि के अनुसार बिलकुल नए प्रकार के कैरियर में अपना भविष्य तलाश सकते है।

मार्केट रिसर्च एनालिस्ट How to become market research analyst?

कोइ भी कंपनी या बिजनेस समूह उपभोक्ताओं की मांग, व्यवहार और सेल्स प्रक्रिया को समझने के लिए मार्केट रिसर्च एनालिस्ट की मदद लेता है। किसी प्रोडक्ट या सर्विस के स्थानीय, क्षेत्रीय या राष्ट्रीय बाजार में स्थिति के आकलन के जिम्मेदारी एक मार्केट रिसर्च एनालिस्ट बखूबी निभाता है। वर्ष 2010 के बाद वैश्विक स्टार पर ऐसे प्रोफेशनल्स की मांग में तेजी आयी है और उम्मीद जताई जा रही है की आनेवाले अगले 5 - 7 वर्षों में यह मांग बनी रहेगी। आज ज्यादातर कंपनियां आंकड़ों के आधार पर मार्केट की यथार्थ स्थिति जानने के लिए मार्केट रिसर्च एनालिस्ट का सहारा लेती है।

एजुकेशन व स्किल: सूचनाओं, मार्केट डाटा इकट्ठा करना और विश्लेषण करने जैसा काम करना होता है। साइंस व मैथ्स से स्नातकों के लिए इस क्षेत्र में भरपूर मौके होते है। इकोनॉमिक्स, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, मार्केटिंग या स्टेटिस्टिक्स में मास्टर्स करने से कैरियर को मजबूती मिल जाती है। 

साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट How to become cyber security?

डिजिटलीकरण के इस युग में किसी संस्थान की सूचना परिसम्पत्तियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट पर होती है. साइबर हमलों से बचाने के लिए आईटी सिक्योरिटी एक्सपर्ट को सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर इंस्टॉल, कॉन्फ़िगर और अपग्रेड करना होता है. साथ ही कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना, नेटवर्क की निगरानी करना होता है। कंप्यूटर सिक्योरिटी स्पेशलिस्ट की मांग कॉर्पोरेशन, स्कूल, मेडिकल, सार्वजनिक उद्दमों और सरकारी एजेंसियों में लगातार बढ़ रही है। 

एजुकेशन व स्किल : विज्ञान विषयों के साथ स्नातक करने के बाद इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी, कम्प्यूटर इन्फॉर्मेशन सिस्टम, नेटवर्क सिक्योरिटी, कम्प्युटर साइंस आदि विषयों में पीजी या शॉर्टटर्म कोर्स करके कैरियर की शुरुआत की जा सकती है। साइबर फोरेंसिक, साइबर क़ानून, लिनक्स व यूनिक्स आदि की जानकारी जरूरी है।

डिजिटल मार्केटिंग How to become digital marketing?

कम्युनिकेशन और सेलिंग के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग न केवल लगातार बढ़ रहा है, बल्कि अन्य माध्यमों की तुलना में पहले से कहीं अधिक प्रभावी हो चुका है. प्रोडक्ट और सर्विसेज से उपभोक्ताओं को जोड़ने के लिए डिजिटल मार्केटिंग एक्सपर्ट सीधे तौर ऑनलाइन, सोशल मीडिया और मोबाइल मार्केटिंग जैसे टूल्स का प्रभावी तरीके से इस्तेमाल करते है। एक अनुमान के मुताबिक़ साल के अंत देश में डिजिटल मार्केटिंग से जुडी डेढ़ लाख से अधिक नौकरियाँ आएंगी. एक प्रोफेशनल के तौर पर वेबसाइट, सर्च एड, डिस्प्ले एड, ईमेल, सोशल मीडिया, ब्लोग्स, वयारल और मोबाइल मार्केटिंग की बारीकियां सीखनी होती है. 

स्किल और एजुकेशन : इस क्षेत्र में फूल टाइम जॉब्स के अलावा फ्रीलांसिंग, पार्टटाइम या घर से काम करने का विकल्प होता है। सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO ) और सोशल मीडिया मार्केटिंग (SMM ) के विभिन्न टूल्स डिजिटल मार्केटिंग एक्सपर्ट बनाने में मददगार साबित होंगे. इसके अलावा कम्युनिकेशन, क्रिएटिविटी, एनालिटिकल स्किल और काम के प्रति उत्सुकता का होना बहुत जरूरी है।

गेम डेवलपर how to become game developer ?

गेम डेवलपर के रूप में कैरियर चुनने के लिए रचनात्मकता और धैर्य का होना जरूरी है. किसी भी नए गेम को डेवलप करने की प्रक्रिया काफी जटिल होती है। इसमें प्री-स्क्रिप्ट को कोडिंग और प्रोग्रामिंग के माध्यम विजुअल आकार देना होता है। इस क्षेत्र में पहचान बनाने के लिए एक डेवलपर को विभिन्न टेक्नीकल टूल्स के साथ साथ ऑडियो डिजाइन, प्रोडक्शन, विजुअल आर्ट्स की बारीक समझ होनी चाहिए। 

ऑपरेटिंग इंस्ट्रक्शन के साथ वीडियो गेम तैयार करने के लिए डेवलपर अपने आइडिया को कोड में तब्दील करता है। स्टोरी लाइन व कैरेक्टर बायोग्राफी, डिजाइन रिव्यू रोल-प्ले मेकेनिक्स और डॉक्यूमेटिंग जैसे कई काम बेहतर प्रशिक्षण लेकर आसानी से किये जा सकते है।

एजुकेशन व स्किल : एंट्री लेवल पर जूनियर गेम डिजाइनर को बेसिक टूल्स और लैंग्वेज की बारीक जानकारी होनी चाहिए। इसके अलावा C/C++, JAVA SCRIPT, PHOTOSHOP, ADOBE FLASH, OPENGL और DIRECTX पर मजबूत पकड़ होनी चाहिए। डिग्री, डिप्लोमा के अलावा सर्टिफिकेट कोर्स के माधियम से इस क्षेत्र में दाखिल हुआ जा सकता है।

डाटा साइंटिस्ट How to become data scientist?

प्रोडक्ट डेवलपमेंट, कस्टमर रिटेंशन से लेकर बिजनेस के नए मौके तलाशने जैसे कार्यों में डाटा साइंस की भूमिका प्रभावी हो चुकी है। डाटा साइंटिस्ट स्टेटिस्टिक्स और मॉडलिंग के अपने ज्ञान का बिजनेस समेत विभिन्न कार्यो के लिए इस्तेमाल करता है। हाल के वर्षों में अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों में डाटा साइंटिस्ट की मांग कई गुना ज्यादा तक बढ़ चुकी है, यही कारण है की इसे 21वीं सड़ी की सबसे बेहतरीन नौकरी कहा जाता है। कॉर्पोरेट समेत विभिन्न बिजनेस सिस्टम में डाटा प्लेटफार्म अनिवार्य हो चुका है। ऐसे में डाटा साइंस को कैरियर के रूप में चुनना बहुत समझदारी भरा कदम साबित हो सकता है।

एजुकेशन व स्किल : इस खेत्र में आने के लिए बेसिक स्टेटिस्टिक्स व एप्लाइड मैथ्स की जानकारी जरूरी है। लैंग्वेज व एप्लीकेशन में एसक्यूएल, आर, पायथन, हडूप जानकारी तरक्की का बेहतर जरिया बना सकती है।

डाटा साइंटिस्ट के रूप में डाटा विजुअलाइजेशन और कम्युनिकेशन पर मजबूत पकड़ होनी चाहिए।

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