Print Document or Download PDF

कोष्ठ बद्धता पर पचासकार चूर्ण

Feed by sandy Cat- Health & Beauty

सौंठ, सौंफ, सेंधानमक, शिवाहरण, सनाय बराबर लेकर कूट-छानकर गरम पानी से छ: माशे प्रात: शाम दोनों समय चार पांच दिन खाना चाहिए। खाने के बाद आसव में पानी न मिलावें क्योंकि पानी के साथ दुर्बल कोठा में तरी लाता है, भोजन के बाद आधा गंटा पीछे पीवें जिससे भोजन किया हुआ आमाशय में गरम हो जाए। 2 वक्त की खुराक सवा दो तोले दे और बच्चों को आधी खुराक हल्का भोजन करें और परहेज से रहें। खून की कमी को दूर करता है गरम पानी ठण्डा करके नित्य 30 दिन तक भोजन के एक घण्डे के बाद।

पारम्परिक भारतीय वज़न इस प्रकार हैं -

४ धान की एक रत्ती बनती है, ८ रत्ती का एक माशा बनता है, १२ माशों का एक तोला बनता है, ५ तोलों की एक छटाक बनती है, १६ छटाक का एक सेर बनता है, ५ सेर की एक पनसेरी बनती है, ८ पनसेरियों का एक मन बनता है, या पुराने भारतीय नाप-तौल :- 8 खसखस = 1 चावल,

8 चावल = 1 रत्ती, 8 रत्ती = 1 माशा, 4 माशा =1 टंक, 12 माशा = 1 तोला, 5 तोला = 1 छटांक, 4 छटांक = 20 तोला या 1 पाव, 8 छटांक या 40 तोला = 1 अधसेरा, 16 छटांक या 80 तोला = 1 सेर, 5 सेर = 1 पसेरी, 8 पसेरी = 40 सेर या 1 मन, 1 केजी = 86 तोला या 1 सेर 6/5 छटांक, 100 केजी = 1 क्विंटल या 2 मन 27 5/2 सेर।

Read More.


Go Back